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प्रश्न
सैन्यशक्ति बढ़ाने के प्रयत्न में राष्ट्र एक-दूसरे से हथियारों की होड़ शुरू करते है। हथियारों की होड के कारण असुरक्षा की भावना अधिक ही बढ़ जाती है। असुरक्षा की भावना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बढ़ाती है। इस खतरे को टालने के लिए हथियारों की होड नहीं अपितु हथियारों की कटौती की आवश्यकता है।
उत्तर
उपरोक्त कथन के प्रशंसनीय होने के कारणों को इस प्रकार बताया जा सकता है।
- हथियारों की होड़ राष्ट्रों के बीच विश्वास की भावना को कमजोर करती है, जिससे वैश्विक भाईचारे की भावना कमजोर होती है।
- इसके अलावा, देश को हथियार बनाने के लिए बहुत अधिक धन खर्च करना पड़ता है, जिससे देश की विकास गतिविधियाँ प्रभावित होती हैं और विकास दर धीमी हो जाती है।
- जैसा कि विश्व ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हथियारों की होड़ के दुष्परिणाम देखे हैं, इसमें हुई भारी आर्थिक और जान-माल की हानि को देखते हुए सभी को यह प्रयास करना चाहिए कि दुनिया में फिर से विज्ञान की होड़ न हो।
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