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प्रश्न
'सच्चा मित्र' विषय पर लगभग 100 शब्दों में एक लघुकथा लिखिए।
उत्तर
सच्चा मित्र
एक गाँव में राजू और विजय नामक दो बच्चे रहते थे। दोनों बचपन के दोस्त थे और हमेशा साथ खेलते थे। राजू बहुत ही चतुर और होशियार था, जबकि विजय थोड़ा मंदबुद्धि था। लेकिन उनकी मित्रता गहरी थी।
एक दिन राजू की माँ बीमार हो गईं। राजू बहुत चिंता में था और स्कूल नहीं गया। उसने सोचा कि अगर उसकी माँ ठीक नहीं हुईं, तो उसे पढ़ाई में परेशानी होगी। विजय ने राजू को स्कूल में अकेला देखकर उसके घर जाने का निर्णय लिया। वह राजू के घर पहुचा और देखा कि वह परेशान है। विजय ने राजू से कहा, “तू क्यों परेशान है? मैं मदद करूंगा।” राजू ने अपनी माँ की बीमारी के बारे में बताया। विजय ने तुरंत कहा, “चिंता मत कर, मैं यहाँ हूँ। हम मिलकर इस समस्या का सामना करेंगे।” विजय ने राजू की माँ के लिए खाना बनाया और उनकी देखभाल की। वह रोज़ आता, दवाई लाता और राजू को पढ़ाई में मदद करता। कुछ दिनों बाद, राजू की माँ ठीक हो गईं। राजू ने विजय से कहा, “तूने मेरे लिए जो किया, उसके लिए मैं तेरा हमेशा आभारी रहूंगा। तू सच्चा मित्र है।” विजय ने हंसते हुए कहा, “मित्रता का मतलब एक-दूसरे का साथ देना है। जब तू परेशान था, मैं कैसे पीछे रह सकता था?”
इस प्रकार, दोनों की मित्रता और भी मजबूत हो गई। उन्होंने समझा कि सच्चा मित्र वही होता है, जो कठिन समय में साथ निभाए। उनकी कहानी गाँव में सभी के लिए प्रेरणा बन गई। लोग कहते थे कि सच्ची मित्रता हर कठिनाई का सामना कर सकती है। राजू और विजय ने अपने जीवन के इस अनुभव से सीखा कि सच्चे मित्र हमेशा एक-दूसरे के साथ होते हैं।
सीख: सच्चा मित्र वही है, जो मुश्किल समय में आपके साथ खड़ा रहे और आपकी मदद करे।