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सेतु: मैं - सुनो कनु, सुनो क्या मैं सिर्फ एक सेतु थी तुम्हारे लिए लीलाभूमि और युद्धक्षेत्र के अलंघ्य अंतराल में ! अब इन सूने शिखरों, मृत्यु घाटियों में बने सोने के पतले गुँथे तारोंवाले पुल-सा -

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प्रश्न

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

सेतु: मैं

सुनो कनु, सुनो
क्या मैं सिर्फ एक सेतु थी तुम्हारे लिए
लीलाभूमि और युद्धक्षेत्र के
अलंघ्य अंतराल में !
अब इन सूने शिखरों, मृत्यु घाटियों में बने
सोने के पतले गुँथे तारोंवाले पुल-सा
निर्जन
निरर्थक
काँपता-सा, यहाँ छूट गया - मेरा यह सेतु जिस्म
- जिसको जाना था वह चला गया

अमंगल छाया

घाट से आते हुए
कदंब के नीचे खड़े कनु को
ध्यानमग्न देवता समझ, प्रणाम करने
जिस राह से तू लौटती थी बावरी
आज उस राह से न लौट

उजड़े हुए कुंज
रौंदी हुई लताएँ
आकाश पर छाई हुई धूल
क्या तुझे यह नहीं बता रही
कि आज उस राह से
कृष्ण की अठारह अक्षौहिणी सेनाएँ
युद्ध में भाग लेने जा रही हैं !

आज उस पथ से अलग हटकर खड़ी हो
बावरी !
लताकुंज की ओट
छिपा ले अपने आहत प्यार को
आज इस गाँव से

1. निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लिखिए।  (2)

  1. उपर्युक्त पद्यांश में प्रयुक्त एक सुंदर वृक्ष का नाम लिखिए।
  2. कृष्ण की कितनी सेनाएँ युद्ध में भाग लेने जा रही है ?
  3. सेतु के दोनों छोर कौन से हैं?
  4. कृष्ण की सेनाएँ कौनसे मार्ग से जा रही हैं ?

2. उत्तर लिखिए।   (2)

राधा का सेतु जिस्म ऐसा है .....

  1. ____________
  2. ____________
  3. ____________
  4. ____________

3. निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए:  (2)

“वृक्ष की उपयोगिता" इस विषय पर अपने विचार लिखिए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

1. 

  1. उपर्युक्त पद्यांश में प्रयुक्त एक सुंदर वृक्ष का नाम है - कदंब।
  2. कृष्ण की अठारह अक्षौहिणी सेनाएँ युद्ध में भाग लेने जा रही है।
  3. सेतु के दोनों छोर लीला भूमि और युद्ध क्षेत्र हैं।
  4. कृष्ण की सेनाएँ उजड़े हुए कुंज और रौंदी हुई लताओं की राह से जा रही हैं।

2. 

  1. सोने के पतले गुंधे तारों वाले पुल-सा
  2. निर्जन
  3. निरर्धक
  4. काँपता-सा।

3. वृक्ष मनुष्यों के पुराने साथी रहे हैं। वृक्ष समस्त चराचर में व्याप्त मानव औरप्राणियों के लिए उपयुक्त हैं। पेड़ों की छाया धूप और वर्षा से उसकी मदद करती है। वृक्षों की शीतलता हमें उल्हासित कर देती हैं। पेड़ों की हरियाली मनुष्य का मन प्रसन्न करती है। वृक्ष मनुष्य के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। अनेक औषधीय वृक्षों से मनुष्यों को औषधियाँ मिलती हैं। वृक्ष वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड सोखते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जिससे हमें साँस लेने के लिए शुद्ध वायु मिलती है। पेड़ों का सबसे बड़ा फायदा वर्षा कराने में होता है। जहाँ पेड़ों की बहुतायत होती है, वहाँ अच्छी वर्षा होती है। वृक्ष का हरहिस्सा वृक्ष की जड़े, तना, शाखा, पत्ते, पान, फूल, फल सब उपयोगी होते हैं।  इस तरह पेड़ हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी होते हैं।

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कनुप्रिया
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