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शिवाजी महाराज सूरत कैसे पहुँचे होंगे; इसकी कल्पना करो। - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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प्रश्न

शिवाजी महाराज सूरत कैसे पहुँचे होंगे; इसकी कल्पना करो।

लघु उत्तरीय

उत्तर

  • शिवाजी महाराज के समय (17वीं शताब्दी) में यात्रा करने के साधन आज की तुलना में बहुत अलग थे। उनकी सैन्य रणनीति और गुरिल्ला युद्ध नीति को ध्यान में रखते हुए, हम कल्पना कर सकते हैं कि वे सूरत तक पहुँचने के लिए किस मार्ग और साधनों का उपयोग कर सकते थे।

यात्रा का मार्ग – पश्चिमी तटीय क्षेत्र: शिवाजी महाराज की सेना अधिकतर घुड़सवारों और पैदल सैनिकों पर निर्भर थी। उन्होंने दो संभावित मार्ग अपनाए होंगे:

  1. सड़क मार्ग (घुड़सवारी और पैदल यात्रा)
    • रायगढ़ से कोंकण क्षेत्र होते हुए पश्चिमी घाटों के जंगलों से होकर निकले होंगे।
    • रास्ते में स्थानीय मराठा सरदारों और गुप्तचरों की सहायता ली होगी।
    • गुरिल्ला रणनीति का उपयोग कर छोटे समूहों में आगे बढ़े होंगे ताकि मुगलों और अन्य दुश्मनों को भनक न लगे।
    • यह यात्रा 10-15 दिनों में पूरी हुई होगी।
  2. जल मार्ग (नौसेना के जरिए समुद्री रास्ता)
    • शिवाजी महाराज की एक शक्तिशाली मराठा नौसेना थी।
    • उन्होंने अलीबाग या दमन के पास किसी बंदरगाह से समुद्री मार्ग से सूरत तक पहुँचने की योजना बनाई होगी।
    • मराठा बेड़ा (नौसेना जहाज) अरब सागर के किनारे-किनारे सूरत के नजदीक किसी स्थान पर उतरा होगा।
    • यह यात्रा 5-6 दिनों में पूरी हुई होगी।
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अध्याय 6.3: मुगलों से संघर्ष - अंतःपाठ प्रश्न [पृष्ठ १३६]

APPEARS IN

बालभारती Integrated 7 Standard Part 2 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
अध्याय 6.3 मुगलों से संघर्ष
अंतःपाठ प्रश्न | Q १. | पृष्ठ १३६
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