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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

‘सहकारिता ही जीवन है’ विषय पर अपने विचार लिखिए। - Hindi [हिंदी]

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प्रश्न

‘सहकारिता ही जीवन है’ विषय पर अपने विचार लिखिए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

मिल जुल कर बड़े से बड़ा काम आसानी से किया जा सकता है। सभी का विकास तभी हो सकता है, जब हम अपना लाभ छोड़कर सबके लाभ के लिए कार्य करे। यह सहयोग की भावना से ही संभव है। इस तरह मिलजुलकर कार्य करना ही सहकारिता का आधार है।

साधारण शब्दों में संगठित रूप से व्यक्ति आपसी सहयोग के साथ जो कार्य करते है, उसे हम सहकारिता कहते है। अकेले व्यक्ति के पास इतने साधन नही होते है, कि वह अपना आर्थिक विकास स्वयं कर सके। यदि लोग आपस में संगठित होकर किसी कार्य को करते है, तो बड़े से बड़ा मुश्किल काम आसान बन जाता है।

इस प्रकार लोग आपस में मिलकर अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने व विकास का प्रयास करते है। सहकारिता में समाज के निर्धनतम एवं कमजोर व्यक्ति का हित भी निहित होता है। इस प्रकार यह कहना सही है कि सहकारिता ही जीवन है क्योंकि इसी से जीवन खुशहाल बनता है।

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अध्याय 1.06: दो संस्‍मरण - अभिव्यक्‍ति [पृष्ठ ३२]

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बालभारती Hindi - Kumarbharati 10 Standard SSC Maharashtra State Board
अध्याय 1.06 दो संस्‍मरण
अभिव्यक्‍ति | Q १. | पृष्ठ ३२
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