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सिंह , गुप्ता और खान एक फर्म में साझेदार हैं। लाभ का विभाजन 3 : 2: 3 के अनुपात में करते हैं। वे जैन को साझेदारी में प्रवेश देते हैं। - Accountancy (लेखाशास्त्र)

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प्रश्न

सिंह, गुप्ता और खान एक फर्म में साझेदार हैं। लाभ का विभाजन 3 : 2: 3 के अनुपात में करते हैं। वे जैन को साझेदारी में प्रवेश देते हैं। सिंह अपने भाग का `1/3` भाग, गुप्ता अपने भाग का `1/4` भाग और खान अपने भाग का `1/5` भाग जैन के पक्ष में त्याग करता है नए लाभ विभाजन अनुपात की गणना करें।

योग

उत्तर

पुराना अनुपात = सिंह : गुप्ता : खान

= 3 : 2 : 3

`= 3/8 : 2/8 : 3/8`

सिंह समर्पण = उसके हिस्से का `1/3`

गुप्ता समर्पण = उसके हिस्से का `1/4`

खान समर्पण = उसके हिस्से का `1/5`

त्याग अनुपात = पुराना अनुपात × समर्पण अनुपात

सिंह = `3/8 xx 1/3 = 3/24`

गुप्ता = `2/8 xx 1/4 = 2/32`

खान = `3/8 xx 1/5 = 3/40`

नया अनुपात = पुराना अनुपात - त्याग अनुपात

सिंह = `3/8 - 3/24 = (9 - 3)/24 = 6/24`

गुप्ता = `2/8 - 2/32 = (8 - 2)/32 = 6/32`

खान = `3/8 - 3/40 = (15 - 3)/40 = 12/40`

नया अनुपात = सिंह : गुप्ता : खान : जैन

`= 6/24 : 6/32 : 12/40 : 21/80`

`= (120 : 90 : 144 : 126)/480`

= 20 : 15 : 24 : 21

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नया लाभ विभाजन अनुपात
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अध्याय 3: साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश - अभ्यास के लिए प्रश्न [पृष्ठ १६९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Accountancy - Not-for-Profit Organisation and Partnership Accounts [Hindi] Class 12
अध्याय 3 साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
अभ्यास के लिए प्रश्न | Q 10. | पृष्ठ १६९

संबंधित प्रश्न

अ, ब और स एक फर्म में साझेदार हैं। लाभ का विभाजन 3: 3: 2 के अनुपात में करते हैं। वे द को `4/7` भाग के लिए प्रवेश देते हैं। द अपना भाग अ से `2/7` ब से `1/7` और स से `1/7` लेता है। नए लाभ विभाजन अनुपात की गणना करें।


राधा और रूकमणी फर्म में साझेदार हैं तथा लाभ का विभाजन 3 : 2 के अनुपात में करती हैं। वे गोपी को साझेदारी में प्रवेश देती हैं। राधा अपने भाग का 1/3 और रुकमणी अपने भाग का 1/4 भाग गोपी के पक्ष में समर्पित करती हैं। नए लाभ विभाजन अनुपात की गणना करें।


दिया गया तुलन पत्र अ और ब का है जो 31 मार्च, 2017 को साझेदारी व्यवसाय चला रहे हैं। अ और ब 2 :1 के अनुपात में लाभ हानि का बँट्वारा करते है।

31 मार्च, 2017 को अ और ब का तुलन पत्र

दायित्व

 

राशि
(रु.)

परिसंपन्तियाँ राशि
(रु.)

देय विपत्र

  10,000

हस्थस्थ रोकड़

10,000

लेनदार

  58,000

बैंकस्थ रोकड़

40,000

बकाया व्यय

  2,000

विविध देनदार

 60,000

पूँजी:

    स्टॉक 40,000

1,80,000 3,30,000 संयंत्र 1,00,000

1,50,000 भवन 1,50,000

 

  4,00,000   4,00,000

निम्न शर्तों पर स नए साझेदार के रूप में प्रवेश करता है:

  1. लाभ में 1/4 भाग के लिए स 1,00,000 रुपये पूँजी और 60,000 रुपये ख्याति में अपने भाग के लिए लाएगा।
  2. संयंत्र का मूल्य 1,20,000 रु. आंका गया और भवन के मूल्य में 10% की वृद्धि हुई।
  3. स्टॉक का मूल्य 4,000 रुपये अधिक आंका गया।
  4. देनदारों पर 5 % की दर से संदिग्ध-ऋणों के लिए प्रावधान बनाया गया।
  5. गैर-अभिलेखित लेनदारों की राशि 1,000 रुपये पाई गई।
    आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ दें। साथ ही स के प्रवेश पर पुनर्मूल्यांकन खाता, साझेदारों के पूँजी खाते और तुलन पत्र तैयार करें।

लीला और मीना फर्म में साझेदार हैं और लाभ व हानि का विभाजन 5: 3 अनुपात में करती हैं। अप्रैल 2017 को वे ओम को फर्म में प्रवेश देती हैं। ओम के प्रवेश तिथि पर लीला और मीता के तुलन पत्र में सामान्य संचय 16,000 रुपये और लाभ व हानि खाता 24,000 (जमा) रुपये दर्शा रहा था। ओम के प्रवेश पर उपरोक्त मदों के व्यवहार हेतु आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ दें। लीला और ओम के मध्य नया लाभ विभाजन अनुपात 5 : 3 : 2 है।


आशीष और दत्ता फर्म में साझेदार हैं तथा 3 : 2 के अनुपात में लाभों का विभाजन करते हैं। 01 अप्रैल, 2017 को वे 1/5 भाग के लिए विमल को फर्म में प्रवेश देते हैं। 01 अप्रैल, 2017 को आशीष और दत्ता का तुलन पत्र इस प्रकार है:

01 अप्रैल, 2017 को आशीष और दत्ता का तुलन पत्र
दायित्व राशि
(रु.)
परिसंपत्तियाँ   राशि
(रु.)
लेनदार 15,000 भूमि व भवन   35,000
देय-विपत्र 10,000 संयंत्र   45,000
आशीष की पूँजी 80,000 देनदार 22,000 20,000

दत्ता की पूँजी

35,000

घटाया: प्रावधान

(2,000)
    स्टॉक   35,000
    रोकड़   5,000
  1,40,000     1,40,000

यह सहमति हुई कि :

  1. भूमि और भवन के मूल्य में 15,000 रुपये से वृद्धि हुई है।
  2. संचय के मूल्य में 10,000 रुपये से वृद्धि हुई है।
  3. फर्म की ख्याति की गणना 20,000 की गई हैं।
  4. विमल नयी फर्म की कुल पूँजी के 1/5 भाग के बराबर पूँजी लेकर आएगा। आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ दें और विमल के प्रवेश के पश्चात तुलन पत्र तैयार करें।

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