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संरचनात्मक परिवर्तन से आप क्या समझते हैं? पुस्तक से अलग उदाहरणों द्वारा स्पष्ट कीजिए। - Sociology (समाजशास्त्र)

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प्रश्न

संरचनात्मक परिवर्तन से आप क्या समझते हैं? पुस्तक से अलग उदाहरणों द्वारा स्पष्ट कीजिए।

दीर्घउत्तर

उत्तर

  • संरचनात्मक परिवर्तन समाज की संरचना में परिवर्तन को दिखाता है, साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं अथवा नियमों के परिवर्तन को दिखाता है जिनसे इन संस्थाओं को चलाया जाता है।
  • उदाहरण के लिए, कागजी रुपये का मुद्रा के रूप में प्रादुर्भाव वित्तीय संस्थाओं तथा लेन-देन में बड़ा भारी परिवर्तन लेकर आया। इस परिवर्तन के पहले, मुख्य रूप से सोने-चाँदी के रूप में मूल्यवान धातुओं का प्रयोग मुद्रा के रूप में होता था।
  • सिक्के की कीमत उसमें पाए जाने वाले सोने अथवा चाँदी से मापी जाती थी।
  • इसके विपरीत, कागजी नोट की कीमत का उस लागत से कोई संबंध नहीं होता था, जिस पर वह छापा जाता था और न ही उसकी छपाई से।
  • कागजी मुद्रा के पीछे यह विचार था कि समान अथवा सुविधाओं के लेने-देन में जिस चीज का प्रयोग हो, उसको कीमती होना जरूरी नहीं। जब तक यह मूल्य को ठीक से दिखाता है अर्थात जब तक यह विश्वास को जगाए रखता है-तकरीबन कोई भी चीज़ पैसे के रूप में काम कर सकती है।
  • मूल्यों तथा मान्यताओं में परिवर्तन भी सामाजिक परिवर्तन ला सकते हैं।
  • उदाहरण के तौर पर, बच्चों तथा बचपन से संबंधित विचारों तथा मान्यताओं में परिवर्तन अत्यंत महत्वपूर्ण प्रकार के सामाजिक परिवर्तन में सहायक सिद्ध हुआ है। एक समय था जब बच्चों को साधारणतः ‘आवश्यक’ समझा जाता था। बचपन से संबंधित कोई विशिष्ट संकल्पना नहीं थी, जो इससे जुड़ी हो कि बच्चों के लिए क्या सही था अथवा क्या गलत।
  • उदाहरण के लिए, उन्नीसवीं शताब्दी के अंत में, यह ठीक माना जाने लगा कि बच्चे जितनी जल्दी काम करने के योग्य हो जाएँ, काम पर लग जाएँ, बच्चे अपने परिवारों को काम करने में मदद पाँच अथवा छह वर्ष की आयु से ही प्रारंभ कर देते थे; प्रारंभिक फैक्ट्री व्यवस्था बच्चों के श्रम पर आश्रित थी।
  • यह उन्नीसवीं तथा पूर्व बीसवीं शताब्दियों के दौरान बचपन जीवन की एक विशिष्ट अवस्था है यह संकल्पना प्रभावी हुई है। इस समय छोटे बच्चों का काम करना अविधारणीय हो गया तथा अनेक देशों ने बाल श्रम को कानून द्वारा बंद कर दिया।
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सामाजिक परिवर्तन
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अध्याय 2: ग्रामीण तथा नगरीय समाज में सामाजिक परिवर्तन तथा सामाजिक व्यवस्था - अभ्यास [पृष्ठ ५२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Sociology [Hindi] Class 11
अध्याय 2 ग्रामीण तथा नगरीय समाज में सामाजिक परिवर्तन तथा सामाजिक व्यवस्था
अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ ५२
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