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संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म का क्या अर्थ है? निम्नलिखित स्पीशीज़ के लिए संयुग्मी अम्ल/क्षार बताइए- HNO2, CN–, HClO4, F–, OH–, COX32− एवं S2- - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म का क्या अर्थ है? निम्नलिखित स्पीशीज़ के लिए संयुग्मी अम्ल/क्षार बताइए-

HNO2, CN, HClO4, F, OH, \[\ce{CO^{2-}_3}\] एवं S2-

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म (Conjugate acid-base pair) - अम्ल-क्षार युग्म जिसमें एक प्रोटॉन का अंतर होता है, संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म कहलाता है।

अम्ल - HNO2, HClO4
क्षारक - CN, F, OH, \[\ce{CO^{2-}_3}\] एवं S2-

इनके संयुग्मी अम्ल/क्षारक निम्नलिखित हैं-

अम्ल HNO2 HClO4
संयुग्मी क्षारक \[\ce{NO^-_2}\] \[\ce{CIO^-_4}\]

 

क्षारक CN- F- OH- \[\ce{CO^{2-}_3}\] S2-
संयुग्मी अम्ल HCN HF H2O \[\ce{HCO^-_3}\] HS-
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साम्य को प्रभावित करने वाले कारक
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 7: साम्यावस्था - अभ्यास [पृष्ठ २३२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11
अध्याय 7 साम्यावस्था
अभ्यास | Q 7.35 | पृष्ठ २३२

संबंधित प्रश्न

437 K ताप पर निर्वात मैं PCI5 का एक नमूना एक फ्लास्क में लिया गया। साम्य स्थापित होने पर PCl5 की सांद्रता 0.5 × 10-1 mol L-1 पाई गई, यदि Kc का मान 8.3 × 10-3 है, तो साम्य पर PCl3 एवं Cl2 की सांद्रताएँ क्या होंगी?

\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]


अभिक्रिया \[\ce{N2(g) + 3H2(g) ⇌ 2NH3(g)}\] के लिए (500 K पर) साम्य स्थिरांक Kc = 0.061 है। एक विशेष समय पर मिश्रण का संघटन इस प्रकार है- 3.0 mol L-1 N2, 2.0 mol L-1 H2 एवं 0.5 mol L-1 NH3 क्या अभिक्रिया साम्य में है? यदि नहीं, तो साम्य स्थापित करने के लिए अभिक्रिया किस दिशा में अग्रसरित होगी?


निम्नलिखित में से साम्य में जब आयतन बढ़ाकर दाब कम किया जाता है, तब बतलाइए कि अभिक्रिया के उत्पाद के मोलों की संख्या बढ़ती है या घटती है या समान रहती है?

\[\ce{3Fe(s) + 4H2O(g) ⇌ Fe3O4(s) + 4H2(g)}\]


निम्नलिखित में से दाब बढ़ाने पर कौन-कौन सी अभिक्रियाएँ प्रभावित होंगी? यह भी बताएँ कि दाब परिवर्तन करने पर अभिक्रिया अग्र या प्रतीप दिशा में गतिमान होगी?

  1. \[\ce{COCl2(g) ⇌ CO(g) + Cl2(g)}\]
  2. \[\ce{CH4(g) + 2S2(g) ⇌ CS2(g) + 2H2S(g)}\]
  3. \[\ce{CO2(g) + C(s) ⇌ 2CO(g)}\]
  4. \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\]
  5. \[\ce{CaCO3(s) ⇌ CaO(s) + CO2(g)}\]
  6. \[\ce{4NH3(g) + 5O2(g) ⇌ 4NO(g) + 6H2O(g)}\]

निम्नलिखित ऊष्माशोषी अभिक्रिया के अनुसार ऑक्सीकरण द्वारा डाइहाइड्रोजन गैस प्राकृतिक गैस से प्राप्त की जाती है-

\[\ce{CH4(g) + H2O(g) ⇌ CO(g) + 3H2(g)}\]

Kp एवं अभिक्रिया मिश्रण का साम्य पर संघटन किस प्रकार प्रभावित होगा, यदि?

  1. दाब बढ़ा दिया जाए।
  2. ताप बढ़ा दिया जाए।
  3. उत्प्रेरक प्रयुक्त किया जाए।

बताइए कि निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में अभिकारकों एवं उत्पादों की सांद्रता सुप्रेक्ष्य होगी-

(क) \[\ce{Cl2(g) ⇌ 2Cl(g) K_c = 5 × 10^{-39}}\]

(ख) \[\ce{Cl2(g) + 2NO(g) ⇌ 2NOCl(g) K_c = 3.7 × 10^8}\]

(ग) \[\ce{Cl2(g) + 2NO2(g) ⇌ 2NO2Cl(g) K_c = 1.8}\]


25°C पर अभिक्रिया \[\ce{3O2(g) ⇌ 2O3 (g)}\] के लिए Kc का मान 2.0 x 10-50 है। यदि वायु में 25°C ताप पर O2 की साम्यावस्था सांद्रता 1.6 x 10-2 है, तो O3 की सांद्रता क्या होगी?


स्पीशीज़ H2O, \[\ce{HCO^-_3}\], \[\ce{HSO^-_4}\] तथा NH3 ब्रन्स्टेद अम्ल तथा क्षारक-दोनों की भाँति व्यवहार करते हैं। प्रत्येक के संयुग्मी अम्ल तथा क्षारक बताइए।


फीनॉल का आयनन स्थिरांक 1.0 × 10-10 है। 0.05 M फीनॉल के विलयन में फीनॉलेट आयन की सांद्रता तथा 0.01 M सोडियम फीनेट विलयन में उसके आयनन की मात्रा ज्ञात कीजिए।


एसिटिक अम्ल का आयनन स्थिरांक 1.74 × 10-5 है। इसके 0.05 M विलयन में वियोजन की मात्रा, ऐसीटेट आयन सांद्रता तथा pH का परिकलन कीजिए।


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