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सोना (परमाणु त्रिज्या= 0.144 nm) फलक-केन्द्रित एकक कोष्ठिका में क्रिस्टलीकृत होता है। इसकी कोष्ठिका के कोर की लम्बाई ज्ञात कीजिए। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

सोना (परमाणु त्रिज्या= 0.144 nm) फलक-केन्द्रित एकक कोष्ठिका में क्रिस्टलीकृत होता है। इसकी कोष्ठिका के कोर की लम्बाई ज्ञात कीजिए।

संख्यात्मक

उत्तर

fcc संरचना के लिए यदि r परमाणु की त्रिज्या हो तो

फलक विकर्ण = 4r

यदि कोष्ठिका की कोर की लम्बाई a हो तो फलक विकर्ण = `sqrt2`a अतः `sqrt2`a = 4r

∴ a = `4/sqrt2 xx 0.144`

= 0.407 nm

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एक एकक कोष्ठिका में अवयवी कणों की संख्या
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1: ठोस अवस्था - अभ्यास [पृष्ठ ३३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 1 ठोस अवस्था
अभ्यास | Q 1.21 | पृष्ठ ३३

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित में विभेद कीजिए।

षट्कोणीय और एकनताक्ष एकक कोष्ठिका


स्पष्ट कीजिए कि एक घनीय एकक कोष्ठिका के कोने पर उपस्थित परमाणु का कितना भाग सन्निकट कोष्ठिका से सहभाजित होता है?


निम्नलिखित जालक में से एकक कोष्ठिका में कितने जालक बिन्दु होते हैं?

अन्तःकेन्द्रित


यदि NaCl को SrCl2 के 10-3 मोल % से डोपित किया जाए तो धनायनों की रिक्तियों का सान्द्रण क्या होगा?


KCl क्रिस्टल में पोटैशियम आयनों का आधिक्य उसमें बैंगनी अथवा कुमुदनी रंग उत्पन्न करता है क्योंकि ______.

  1. कुछ ऋणायनी स्थल एक अयुगलित इलेक्ट्रॉन द्वारा घिरे रहते हैं।
  2. कुछ ऋणायनी स्थल, एक इलेक्ट्रॉन युगल द्वारा घिरे रहते हैं।
  3. कुछ ऋणायनी स्थलों पर रिक्तिकाएँ होती हैं।
  4. F-केंद्र बनते हैं जो क्रिस्टल को रंग प्रदान करते हैं।

NaCl क्रिस्टल की एकक कोष्ठिका में चतुष्फलकीय रिक्तिकाओं की संख्या ______ होती है।

  1. 4
  2. 8
  3. अष्टफलकीय रिक्तिका से दुगनी
  4. अष्टफलकीय रिक्तिका से चार गुनी

निम्नलिखित में से किन्हें आण्विक ठोस नहीं माना जा सकता?

  1. SiC (सिलिकन कार्बाइड)
  2. AIN
  3. हीरा
  4. I2

कॉलम I में दिए गए एकक कोष्ठिका के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए गुणों से सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) आद्य घनीय एकक कोष्ठिका (a) तीनों लम्बवत कोरों की कोर लम्बाई अनिवार्यत: भिन्न होती है यानी a ≠ b ≠ c
(ii) अंत: केंद्रित घनीय एकक कोष्ठिका (b) प्रति एकक कोष्ठिका में परमाणुओं की संख्या एक होती है।
(iii) फलक केंद्रित घनीय एकक कोष्ठिका  (c) तीनों लम्बवत कोरों की कोर लम्बाई अनिवार्यत: एकसमान होती है यानी a = b = c
(iv) अंत्य केंद्रित विषमलंबाक्ष
एकक कोष्ठिका 

(d) कोनों पर स्थित परमाणुओं के योगदान के अतिरिक्त एक एकक कोष्ठिका में उपस्थित परमाणुओं की संख्या एक होती है।

  (e) कोनों पर स्थित परमाणुओं के योगदान के अतिरिक्त एक एकक कोष्ठिका में उपस्थित परमाणुओं की संख्या तीन होती है।

कॉलम I और कॉलम II में दिए गए मदों को सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) ठोस अवस्था में Mg (a) p -प्रकार का अर्धचालक
(ii) गलित अवस्था में MgCl2 (b) n -प्रकार का अर्धचालक
(iii) फ़ॉस्फ़ोरस युक्त सिलिकन (c) विद्युत्अपघटनी चालक
(iv) बोरॉन युक्त जर्मेनियम (d) इलेक्ट्रॉनिक चालक

अभिकथन - सरल घनीय संरचना की एकक कोष्ठका से कुल एक परमाणु संबंधित होता है।

तर्क - सरल घनीय एकक कोष्ठका में परमाणु कोनों पर होते हैं जो कि प्रत्येक आठ निकटवर्ती एकक कोष्ठकाओं से सहभाजित रहते हैं।


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