Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सरकारी स्कूलों में अकसर कई धर्मों के बच्चे आते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए धर्मनिरपेक्ष राज्य के तीन उद्देश्यों को दोबारा पढ़िए। आप इस बारे में दो वाक्य लिखिए कि सरकारी स्कूलों को किसी एक धर्म को बढ़ावा क्यों नहीं देना चाहिए।
उत्तर
- भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है इसलिए सरकारी स्कूलों में भी धर्मनिरपेक्षता की नीति का पालन किया जाता है।
- सरकारी स्कूल न तो किसी खास धर्म को थोप सकता है और न ही विद्यार्थियों की धार्मिक स्वतंत्रता छीन सकता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
अपने आस-पड़ोस में प्रचलित धार्मिक क्रियाकलापों की सूची बनाइए। आप विभिन्न प्रकार की प्रार्थनाओं, विभिन्न देवताओं की पूजा, विभिन्न पवित्र स्थानों, विभिन्न प्रकार के धार्मिक संगीत और गायन आदि को देख सकते हैं। क्या इससे धार्मिक क्रियाकलापों की स्वतंत्रता का पता चलता है?
अगर किसी धर्म के लोग यह कहते हैं कि उनका धर्म नवजात शिशुओं को मारने की छूट देता है। तो क्या सरकार किसी तरह का दखल देगी या नहीं? अपने उत्तर के समर्थन में कारण बताइए।
भारतीय राज्य धर्म से फ़ासला भी रखता है और उसमें हस्तक्षेप भी करता है। यह उलझाने वाला विचार लग सकता है। इस पर कक्षा में एक बार फिर चर्चा कीजिए। चर्चा के लिए इस अध्याय में दिए गए उदाहरणों के अलावा आप अपनी जानकारी के अन्य उदाहरणों का भी सहारा ले सकते हैं।
उपरोक्त चित्रकथा-पट्ट में शिक्षक ने जो उत्तर दिया है उस पर चर्चा करें।
क्या आप भारत के किसी भी भाग से हाल की कोई ऐसी घटना बता सकते हैं जहाँ संविधान के धर्मनिरपेक्ष आदर्शों का उल्लंघन किया गया हो और लोगों को उनके धर्म की वजह से प्रताड़ित किया गया हो या मारा गया हो?