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स्थान प्रत्यक्षण कैसे घटित होता है? - Psychology (मनोविज्ञान)

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प्रश्न

स्थान प्रत्यक्षण कैसे घटित होता है?

दीर्घउत्तर

उत्तर

जिस चाक्षुष का क्षेत्र अथवा सतह पर वस्तुएँ रहती हैं, गतिशील होती हैं अथवा रखी जा सकती हैं, उसे स्थान कहते हैं। जिस स्थान पर हम रहते हैं वह तीन विमाओं से संगठित होता है। हम विभिन्न वस्तुओं के मात्र स्थानिक अभिलक्षणों (जैसे-आकार, रूप, दिशा) को ही नहीं देखते, बल्कि उस स्थान में पाई जाने वाली वस्तुओं के बीच की दूरी को भी देखते हैं। यद्यपि हमारे दृष्टिपटल पर वस्तुओं की प्रक्षेपित प्रतिमाएँ समतल तथा द्विविम होती हैं (बाएँ, दाएँ, ऊपर, नीचे) परंतु हम स्थान में तीन विमाओं का प्रत्यक्षण करते हैं। ऐसा क्‍यों घटित होता है?

यह इसलिए संभव होता है कि हम द्विविम दृष्टिपटलीय दृष्टि को त्रिविम प्रत्यक्षण के रूप में स्थानांतरित करने में समर्थ होते हैं। जगत को तीन विमाओं से देखने की प्रक्रिया को दूरी अथवा गहनता प्रत्यक्षण कहते हैं।

गहनता प्रत्यक्षण हमारे दैनिक जीवन में महत्त्वपूर्ण होता है। उदाहरण के लिए, जब हम गाडी चलाते हैं तो हम गहराई का उपयोग निकट आती हुई गाड़ी की दूरी जानने के लिए करते हैं अथवा जब हम सड़क पर टहलते हुए किसी व्यक्ति को पुकारते हैं तो हम यह निश्चय करते हैं कि कितनी तीव्र आवाज में पुकारा जाए।

गहराई के प्रत्यक्षण में हम दो प्रमुख सूचना स्रोतों, जिन्हें संकेत कहा जाता है, पर निर्भर करते हैं। एक को द्विनेत्री संकेत कहते हैं, क्योंकि इसमें दोनों आँखों की आवश्यकता होती है। दूसरे को एकनेत्री संकेत कहते है क्योंकि इसमें गहनता प्रत्यक्षण के लिए मात्र एक आँख का उपयोग होता है। ऐसे अनेक संकेतों का उपयोग द्विविम प्रतिमा को त्रिविम प्रत्यक्षण में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है।

प्रत्यक्षण की उप-प्रक्रियाएँ

shaalaa.com
स्थान, गहनता तथा दूरी प्रत्यक्षण
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अध्याय 5: संवेदी, अवधानिक एवं प्रात्यक्षिक प्रक्रियाएँ - समीक्षात्मक प्रश्न [पृष्ठ १०९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Psychology [Hindi] Class 11
अध्याय 5 संवेदी, अवधानिक एवं प्रात्यक्षिक प्रक्रियाएँ
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 8. | पृष्ठ १०९
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