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'स्त्रियों को पढ़ाने से अनर्थ होते हैं' - कुतर्कवादियों की इस दलील का खंडन द्विवेदी जी ने कैसे किया है, अपने शब्दों में लिखिए। - Hindi Course - A

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प्रश्न

'स्त्रियों को पढ़ाने से अनर्थ होते हैं' - कुतर्कवादियों की इस दलील का खंडन द्विवेदी जी ने कैसे किया है, अपने शब्दों में लिखिए।

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उत्तर

स्त्रियों की शिक्षा से अनर्थ होने की बात पर द्विवेदी जी ने इसका विरोध किया है। उन्होंने स्त्री शिक्षा को समाज की उन्नति के लिए आवश्यक माना है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यदि स्त्री शिक्षा से अनर्थ होता है तो पुरुषों द्वारा किए गए अनर्थ भी उसी शिक्षा के परिणाम होने चाहिए। जैसे - चोरी करना, डाका डालना, हत्या करना, घूस लेना आदि। ये सभी गलत काम का कारण शिक्षा नहीं है बल्कि ये मानव प्रकृति पर आधारित हैं। अत: हमें स्त्री शिक्षा का समर्थन करना चाहिए।

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स्त्री-शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन
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अध्याय 15: महावीरप्रसाद द्विवेदी - स्त्री शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १०९]

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
अध्याय 15 महावीरप्रसाद द्विवेदी - स्त्री शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन
प्रश्न-अभ्यास | Q 2 | पृष्ठ १०९

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