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प्रश्न
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
अपनी जमुना में धारा में बह-बहकर आते हुए टूटे रथ हारी हुई सेनाएँ, जीती हुई सेनाएँ (जैसे बुलाते थे भटकी हुई गायों को) जितनी समझ तुमसे अब तक पाई है कनु, अर्जुन की तरह कभी शब्द : अर्थहीन शब्द, शब्द, शब्द, ............. |
1. कृति पूर्ण कीजिए: (2)
कनुप्रिया के अनुसार यही युद्ध का सत्य स्वरूप हैं:
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2. कृति पूर्ण कीजिए: (2)
- कनुप्रिया कनु से इनकी तरह सब कुछ समझना चाहती है सार्थकता-
- कनुप्रिया की तन्मयता के गहरे क्षण -
- कनुप्रिया के लिए अर्थहीन शब्द जो गली -गली सुनाई देते हैं -
- कनुप्रिया के लिए वे सारे शब्द तब अर्थहीन है -
3. निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए: (2)
'युद्ध से विनाश एवं शांति से विकास होता है' - इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर
1.
- टूटे रथ, जर्जर पताकाएँ।
- हारी हुई सेनाएँ, जीती हुई सेनाएँ।
- नभ को कँँपाते हुए युद्ध घोष, क्रंदन स्वर।
- भागे हुए सैनिकों से सुनी हुई अकल्पनीय, अमानुषिक घटनाएँ।
2.
- अर्जुन को तरह।
- रँगे हुए अर्थहीन आकर्षक शब्द।
- कर्म, स्वधर्म, निर्णय, दायित्व।
- जब वे कनु के काँपते अधरों से नहीं निकलते।
3. युद्ध का परिणाम दोनों पक्षों को भुगतना पड़ता हैं। दोनों पक्षों का इसमें नुकसान होता है। युद्ध के परिणाम भयानक होते हैं, इस कारण युद्ध कोई नहीं चाहता। युद्ध में दोनों पक्षों को लड़ाई के उपकरण और अस्त्रों-शस्त्रों की व्यवस्था करनी पड़ती है। इसमें आर्थिक क्षति का सामना दोनों पक्षों को झेलना पड़ता है। अनेक सैनिक मृत्युमुखी पड़तें हैं, उनके घर-परिवार उजड़ जाते हैं। आर्थिक क्षति के कारण देश का आर्थिक नुकसान होता है। आने वाली पीढ़ी को भी इस आर्थिक क्षति और युद्ध के परिणाम अनेक वर्षों तक भोगने पढ़ते हैं। शांति सभी के लिए महत्वपूर्ण है। देश, समाज, प्रत्येक व्यक्ति के लिए शांति का समय विकास का समय होता है। युद्ध में होने वाला अनावश्यक खर्च अगर देश के विकास में लग जाए तो इससे अच्छी बात दूसरी नहीं है। इस देश की जनता को इस लाभ से फायदा मिलता है। उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। शांति से विकास की ओर कदम पढ़ते हैं तो युद्ध से विनाश और क्षति, अधोगति होती है। इस प्रकार शांति और युद्ध परस्पर विरोधी हैं।