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प्रश्न
सुरजीत और राही का लाभ व हानि विभाजन अनुपात 3: 2 है। 31 मार्च, 2020 को उनका तुलन पत्र इस प्रकार है:
31 मार्च, 2020 को सुरजीत और राही का तुलन पत्र | |||
दायित्व | राशि (रु) | परिसंपत्तियाँ | राशि (रु) |
लेनदार | 38,000 | बैंक | 11,500 |
श्रीमती सुरजीत से ऋण | 10,000 | स्टॉक | 6,000 |
संचय | 15,000 | देनदार | 19,000 |
राही का ऋण | 5,000 | फर्नीचर | 4,000 |
पूँजी: | संयंत्र | 28,000 | |
सुरजीत | 10,000 | विनियोग | 10,000 |
राही | 8,000 | लाभ व हानि | 7,500 |
86,000 | 86,000 |
31 मार्च, 2020 को फर्म का विघटन निम्न शर्तों पर हुआ:
(1) सुरजीत ने विनियोगों को 8,000 रूपये में लिया और वह श्रीमती सुरजीत के ऋण का भुगतान करेगा।
(2) अन्य परिसंपत्तियों से वसूली निम्न हैं:
स्टॉक |
5,000 रू. |
देनदार |
18,500 रू. |
फर्नीचर |
4,500 रु. |
संयंत्र | 25,000 |
(3) वसूली व्यय की राशि 1,600 रूपये है।
(4) लेनदारों ने पूर्ण भुगतान के 37,000 रुपये स्वीकार किए।
(5) आप वसूली खाता, साझेदारों के पूँजी खाते और बैंक खाता तैयार करें।
उत्तर
नाम | सुरजीत और राही की किताबें वसूली खाता |
जमा | |||
विवरण | राशि (रु) | विवरण | राशि (रु) | ||
स्टॉक | 6,000 | लेनदार | 38,000 | ||
देनदार | 19,000 | सुरजीत का ऋण | 10,000 | ||
फ़र्नीचर | 4,000 | सुरजीत का पूँजी खाता (विनियोग) |
8,000 | ||
संयंत्र | 28,000 | बैंक - | |||
विनियोग | 10,000 | स्टॉक | 5,000 | 53,000 | |
सुरजीत का पूँजी खाता (सुरजीत का ऋण) |
10,000 | देनदार | 18,500 | ||
बैंक - | फ़र्नीचर | 4,500 | |||
खर्च | 1,600 | 38,600 | संयंत्र | 25,000 | |
लेनदार | 37,000 |
हानि को हस्तांतरित किया गया |
|||
सुरजीत का पूँजी खाता | 3,960 | 6,600 | |||
राही का पूँजी खाता | 2,640 | ||||
1,15,600 | 1,15,600 |
नाम | साझेदारों का पूँजी खाता |
जमा |
|||
विवरण | सुरजीत | राही | विवरण | सुरजीत | राही |
वसूली (विनियोग) | 8,000 | शेष आ/ला | 10,000 | 8,000 | |
वसूली (हानि) | 3,960 | 2,640 | वसूली (सुरजीत का ऋण) | 10,000 | - |
लाभ और हान | 4,500 | 3,000 | संचय | 9,000 | 6,000 |
बैंक | 12,540 | 8,360 | |||
29,000 | 14,000 | 29,000 | 14,000 |
नाम | राही का ऋण खाता |
जमा |
|
विवरण | राशि (रु) | विवरण | राशि (रु) |
बैंक | 5,000 | शेष आ/ला | 5,000 |
5,000 | 5,000 |
नाम | बैंक खाता | जमा | |
विवरण | राशि (रु) | विवरण | राशि (रु) |
शेष आ/ला | 11,500 | वसूली (लेनदार और खर्च) | 38,600 |
वसूली खाता (एहसास की गई संपत्ति) |
53,000 | राही का ऋण | 5,000 |
सुरजीत का पूँजी खाता | 12,540 | ||
राही का पूँजी खाता | 8,360 | ||
64,500 | 64,500 |
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लेखा व्यवहार कीजिए:
गैर-अभिलेखित दायित्व
वसूली खाता किसे कहते हैं?
वसूली खाते का प्रारूप बनाइए।
एक पुराने कंप्यूटर को पिछले वर्ष के लेखा पुस्तकों में अपलिखित किया गया। एक साझेदार नितिन द्वारा उसी को 3,000 रुपये में लिया गया। यह मानते हुए कि फर्म का विघटन हो चुका है, उपरोक्त के संबंध में रोजनामचा प्रविष्टियाँ कीजिए।
निम्न व्यवहारों की रोज़नामचा प्रविष्टियाँ दीजिए:
- विभिन्न परिसंपत्तियों और दायित्वों की वसूली का अभिलेखन।
- फर्म के पास 1,60,000 रुपये का स्टॉक है। साझेदार अज़ीज़ द्वारा 50% स्टॉक को
20% छूट पर ले लिया गया।
- शेष स्टॉक का विक्रय लागत मूल्य पर 30% लाभ पर हुआ।
- भूमि और भवन (पुस्तक मूल्य 1,60,000 रुपये) का विक्रय 3,00,000 रुपये में एक दलाल के द्वारा किया गया जिसने सौदे पर 2% कमीशन लिया।
- संयंत्र और मशीनरी (पुस्तक मूल्य 60,000 रुपये) एक लेनदार को पुस्तक मूल्य से 10% कम के स्वीकृत मूल्यांकन पर दिया गया।
- विनियोग जिसका मूल्य 4,000 रुपये था से 50% वसूली हुई।
1,00,000 रुपये की परिसंपत्तियों का हस्तांतरण (रोकड़ और बैंक के अतिरिक्त) वसूली खाते में किया गया। परिसंपत्तियों को 50% साझेदार अतुल द्वारा 20% छूट पर ले लिया। शेष परिसंपत्तियों में से 40% को, लागत पर 30% लाभ पर विक्रय किया गया। शेष का 5% बेकार हो गया, कुछ वसूली नहीं हुई और बाकी परिसंपत्तियाँ एक लेनदार को उसके दावे का पूर्ण भुगतान के लिए दी गई।
परिसंपत्तियों से वसूली की रोजनामचा प्रविष्टि का अभिलेखन करें।
पारस और प्रिया की पुस्तकों में निम्न गैर-अभिलेखित परिसंपत्तियों और दायित्वों की आवश्यक रोजनामचा प्रविष्ट का अभिलेखन करें:
- एक पुराने फ़र्नीचर को फर्म में पूर्ण रूप से अपलिखित किया गया। यह फ़र्नीचर 3,000 रूपये में बेचा गया।
- आशीष जो कि एक पुराना ग्राहक है जिसका खाता 1,000 रूपये से पिछले वर्ष के डूबत ऋण के तौर पर अपलिखित किया गया, ने 6% का भुगतान किया।
- पारस फर्म की ख्याति को लेता है (जिसका लेखा पुस्तकों में नहीं है) जिसे 3,000 रूपये पर मूल्यांकित किया गया।
- एक पुरानी टंकण मशीन (टाइपराइटर) जो कि पूर्ण रूप से लेखा पुस्तकों में अपलिखित किया गया। इसका अनुमानित वसूली मूल्य 400 रुपये था। इसको प्रिया के द्वारा अनुमानित मूल्य से 25% छूट पर लिया गया।
- 100 शेयर, 10 रूपये प्रत्येक को स्टार लिमिटेड ने 2,000 रूपये की कीमत पर अधिगृहित किया था, जिसको लेखा पुस्तकों में पूर्ण रूप से अपलिखित किया गया। इन अंशों का मूल्यांकन 6 रूपये प्रत्येक किया तथा साझेदारों के मध्य उनके लाभ विभाजन अनुपात में बाँटा गया।
सभी साझेदारों ने फर्म के विघटन की इच्छा व्यक्त की। यासिन एक साझेदार 2,00,000 रुपये के ऋण को साझेदारों के पूँजी भुगतान से पहले भुगतान चाहता है। लेकिन अमर, एक अन्य साझेदार पूँजी का भुगतान, यासिन के ऋण के भुगतान से पहले चाहता है। कारण बताते हुए उनके बीच उपाय का सुझाव दें।
समस्त दायित्वों को वसूली खाते में हस्तांतरित करने तथा विर्भिन्न परिसंपत्तियों ( रोकड़ के अतिरिक्त ) तीसरे पक्ष को किसी फर्म के विघटन पर निम्न लेनदेनों के संबंध में क्या रोज़नामचा प्रविष्टियाँ की जाएँगी।
- आरती ने 80,000 रुपये के मूल्य का स्टॉक 68,000 रुपये में लिया।
- 40.000 रुपये की गैर-अभिलेखित मोटर साइकिल जो कि करीम द्वारा ली गई।
- फर्म ने कर्मचारियों को 40,000 रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया।
- विभिन्न दायित्व को जो कि 36,000 रुपये के थे, को 15% छूट पर भुगतान किया गया।
- वसूली पर हानि 42,000 रुपये को आरती और करीम के मध्य 3 : 4 के अनुपात में विभाजन किया जाऐगा।
रोज़ और लिली का लाभ विभाजन अनुपात 2 : 3 है। 31 मार्च, 2017 को उनका तुलन पत्र निम्न है :
दायित्व | राशि (रु.) | परिसंपत्तियाँ | राशि (रु.) | |
लेनदार | 40,000 | रोकड़ | 16,000 | |
लिली से ऋण |
32,000 | देनदार | 80,000 | 76,400 |
लाभ व हानि |
50,000 | घटाया: संदिग्ध ऋण के लिए प्रावधान |
3,600 | |
पूँजी: |
स्टॉक | 1,09,600 | ||
लिली | 1,60,000 |
प्राप्य विपत्र |
40,000 | |
रोज | 2,40,000 | भवन | 2,80,000 | |
5,22,000 | 5,22,000 |
रोज़ और लिली इस तिथ को फर्म के विघटन का निर्णय करते हैं। परिसंपत्तियों (प्राप्य विपत्र को छोड़कर) से वसूली 4,84,000 रुपये लेने के लिए सहमत है। लेनदार 38.000 रू. पर सहमत है। वसूली की लागत 2,400 रूपये। फर्म में मोटर साईकल है जिसको फर्म के रुपयों से लिया गया लेकिन फर्म की पुस्तकों में नहीं दर्शाया गया। इसका विक्रय 10,000 रुपये में किया गया। बकाया बिजली बिल के संबंध में संभावित दायित्व 5,000 रुपये हैं। प्राप्य विपत्र रोज़ ने 33,000 रुपये में ले लिया।
वसूली खाता, साझेदारों के पूँजी खाते, ऋण खाता और रोकड़ खाता तैयार करें।
रीटा, गीता और आशीष फर्म में साझेदार हैं, उनका लाभ/हानि विभाजन अनुपात 3: 2: 1 है। 31 मार्च, 2017 को उनका तुलन पत्र इस प्रकार है:
31 मार्च, 2017 को रीटा, गीता और आशीष का तुलन पत्र |
||||
दायित्व |
राशि (रू.) |
परिसंपत्तियाँ | राशि (रू.) | |
पूँजी: | रोकड़ | 22,500 | ||
रीटा | 80,000 | 1,60,000 | देनदार | 52,300 |
गीता | 50,000 | स्टॉक | 36,000 | |
आशीष | 30,000 | विनियोग | 69,000 | |
लेनदार | 65,000 | संयंत्र | 91,200 | |
देय विपत्र | 26,000 | |||
सामान्य संचय |
20,000 | |||
2,71,000 | 2,71,000 |
ऊपर दी गई तिथि को फर्म का विघटन हो गया।
1. रीटा को परिसंपत्तियों की वसूली के लिए नियुक्त किया गया। रीटा को परिसंपत्तियों की वसूली के लिए 5% कमीशन (रोकड़ के अतिरिक्त) मिलेगा और वह सारे वसूली व्यय करेगी।
2. परिसंपत्तियों से वसूली निम्न है:
देनदार | 30,000 रू |
स्टॉक | 26,000 रू |
संयंत्र | 42,750 रू |
3. विनियोग से पुस्तक मूल्य के 85% की वसूली हुई।
4. वसूली व्यय की राशि 4,100 रुपये है।
5. फर्म ने बकाया वेतन 7,200 रूपये का भुगतान किया जिसका प्रावधान पहले नहीं किया गया था।
6. एक विपत्र बैंक से छूट के संबंध में आकस्मिक दायित्व है जिसका भुगतान 9800 रूपये किया गया। वसूली खाता, साझेदारों के पूँजी खाते, रोकड़ खाता तैयार करें।
आशू और हरीश साझेदार हैं। वे अपना लाभ और हानि 3 : 2 में विभाजित करते हैं। 31 मार्च, 2017 को फर्म के विघटन का निर्णय लिया गया। इस तिथ को फर्म का तुलन पत्र इस प्रकार है:
31 मार्च, 2017 को आश्रा और हरीश का तुलन पत्र |
||||
दायित्व |
|
राशि (रु.) | परिसंपन्तियाँ | राशि (रु.) |
पूँजी: | भवन | 80,000 | ||
आशू | 1,08,000 | 1,62,000 | मशीनरी | 70,000 |
हरीश | 54,000 | फर्नीचर | 14,000 | |
लेनदार | 88,000 | स्टोक | 20,000 | |
बैक अधिविकर्ष |
50,000 | विनियोग | 60,000 | |
देनदार | 48,000 | |||
हस्तस्थ रोकड़ |
8,000 | |||
3,00,000 | 3,00,000 |
आशू ने भवन को 95,000 रुपये में और हरीश ने मशीनरी और फर्नीचर को 80,000 रुपये के मूल्य पर लिया। आशू लेनदारों का भुगतान करने के लिए सहमत हुआ और हरीश ने बैंक अधिविकर्ष का भुगतान किया। स्टॉक और विनियोग को दोनों साझेदारों ने लाभ विभाजन अनुपात में ले लिया। देनदारों से 46,000 रुपये वसूली हुई। वसूली व्ययों की राशि 3,000 रुपये हैं। आवश्यक बही खाता तैयार करें।
संजय, तरुण और विनित लाभ 3: 2 : 1 के अनुपात में विभाजित करते हैं। 31 मार्च, 2017 को उनका तुलन पत्र निम्न है:
31 मार्च, 2017 को तुलन पत्र |
||||
दायित्व |
राशि (रू.) |
परिसंपत्तियाँ |
राशि (रू.) | |
पूँजी: |
संयंत्र | 90,000 | ||
संजय | 1,00,000 | 2,70,000 | देनदार | 60,000 |
तरुण | 1,00,000 | फ़र्नीचर | 32,000 | |
विनित | 70,000 | स्टॉक | 60,000 | |
लेनदार | 80,000 | विनियोग | 70,000 | |
देय विपत्र |
30,000 |
प्राप्य विपत्र |
36,000 | |
हस्तस्थ रोकड़ |
32,000 | |||
3,80,000 |
|
3,80,000 |
इस तिथि को फर्म का विघटन हो गया। संजय को परिसंपत्तियों से वसूली के लिए नियुक्त किया गया। संजय को परिसंपत्तियों से वसूली पर (रोकड़ के अतिरिक्त) 6% कमीशन दिया जाएगा और वह वसूली पर व्यय का भुगतान करेगा। संजय द्वारा परिसंपत्तियों से निम्न वसूली की गई:
संयंत्र 72,000 रूपये, देनदार 54,000 रुपये, फ़र्नीचर 18,000 रूपये, स्टॉक पुस्तक मूल्य का 90%, विनियोग 76,000 रूपये और प्राप्य विपत्र 31000 रुपये वसूली व्यय की राशि 4500 रुपये है।
वसूली खाता, पूँजी खाते, रोकड़ खाता तैयार करें।
31 मार्च, 2017 को गृप्ता और शर्मा का तलन पत्र निम्न है:
31 मार्च, 2017 को गुप्ता और शर्मा का तुलन पत्र | ||||
दायित्व |
राशि (रू.) |
परिसंपत्तियाँ |
राशि (रू.) | |
विविध लेनदार | 38,000 |
बैंक में रोकड़ |
12,500 | |
श्रीमती गुप्ता से ऋण |
विविध देनदार |
55,000 | ||
श्रीमती शर्मा से ऋण |
स्टॉक | 44,000 | ||
सामान्य संचय |
प्राप्य विपत्र |
19,000 | ||
डूबत ऋण के |
मशीनरी | 52,000 | ||
पूँजी: |
विनियोग | 38,500 | ||
गुप्ता |
90,000 | 1,50,000 | फिक्सचर्स | 27,000 |
शर्मा | 60,000 | |||
2,48,000 | 2,48,000 |
31 मार्च, 2017 को फर्म का विघटन हो गया और परिसंपत्तियों से वसूली व दायित्वों का भुगतान निम्न है:
(अ) परिसंपत्तियों से वसूली:
विविध देनदार |
52,000 |
स्टॉक | 42,000 |
प्राप्य विपत्र | 16,000 |
मशीनरी | 49,000 |
फिक्सचर | 20,000 |
(ब) गुप्ता द्वारा विनियोग 36,000 रुपये के स्वीकृत मूल्य पर लिए गए और वह श्रीमती गुप्ता के ऋण का भुगतान करने के लिए सहमत है।
(स) विविध लेनदारों को 3% छूट पर भुगतान किया गया।
(द) वसूली व्यय 120 रुपये किए गए।
विघटन पर रोज़नामचा प्रविष्टि करें और वसूली खाता, बैंक खाता और साझेदारों के पूँजी खाते तैयार करें।
अशोक, बाबू और चेतन साझेदार हैं। लाभ/हानि का विभाजन अनुपात क्रमशः 1/2, 1/3, 1/6 है। 31 मार्च, 2017 को फर्म का विघटन हो गया जबकि तुलन पत्र निम्न है:
31 मार्च, 2017 को अशोक, बाबू और चेतन का तुलन पत्र |
||||
दायित्व |
राशि (रू.) |
परिसंपत्तियाँ |
राशि (रू.) | |
विविध लेनदार |
20,000 | बैंक | 7,500 | |
देय विपत्र |
25,500 |
विविध देनदार |
58,000 | |
चेतन से ऋण |
30,000 | स्टॉक | 39,500 | |
पूँजी: |
मशीनरी |
48,000 | ||
अशोक | 70,000 | 1,52,000 | विनियोग | 42,000 |
बाबू | 55,000 |
स्वतंत्र परिसंपत्ति |
50,500 | |
चेतन |
27,000 | |||
चालू खाते: |
||||
अशोक |
10,000 | 18,000 | ||
बाबू |
5,000 | |||
चेतन | 3,000 | |||
2,45,500 | 2,45,500 |
बाबू ने मशीनरी को 45,000 रुपये में ले लिया। अशोक ने विनियोग 40,000 में लिया तथा पूर्णस्वामित्व परिसंपत्ति को चेतन ने 55,000 रुपये में लिया। शेष परिसंपत्तियों से वसूली इस प्रकार है : विविध देनदार 56,500 रुपये और स्टॉक 36,500 रुपये। विविध लेनदारों का भुगतान 7% छूट पर किया। गैर-अभिलेखित कंप्यूटर से 9,000 रुपये वसूल हुए। वसूली व्यय की राशि 3,000 रुपये है। वसूली खाता, साझेदारों के पूँजी खाते व बैंक खाता तैयार करें।
तनु और मनु का तुलन पत्र निम्न है जो कि अपना लाभ व हानि 5: 3 के अनुपात में विभाजित करते हैं:
31 मार्च, 2020 को तनु और मनु का तुलन पत्र |
||||
दायित्व |
राशि (रु.) |
परिसंपन्तियाँ | राशि (रु.) | |
विविध लेनदार |
62,000 |
बैंक में रोकड़ |
16,000 | |
देय विपत्र | 32,000 |
विविध लेनदार |
55,000 | |
बैंक ऋण |
50,000 | स्टॉक | 75,000 | |
संचय कोष |
16,000 |
मोटर कार |
90,000 | |
पूँजी: | मशीनरी | 45,000 | ||
तनु | 1,10,000 | 2,00,000 | विनियोग | 70,000 |
मनु | 90,000 | फ़िक्सचर्स | 9,000 | |
3,60,000 | 3,60,000 |
इस तिथि को फर्म का विघटन हो गया और निम्न समझौता हुआ:
तनु ने विविध देनदार लिए और बैंक ऋण का भुगतान करने के लिए सहमत हुई। विविध लेनदारों ने स्टॉक स्वीकार किया और फर्म को 10,000 रूपये का भुगतान किया। मनु ने मशीनरी को 40,000 रूपये में लिया और देय विपत्र का 5% छूट पर भुगतान के लिए सहमत हुआ। मोटर कार को तनु ने 60,000 रुपये में लिया। विनियोग से 76,000 रूपये व फिक्सचर्स से 4,000 रुपये वसूल हुए। वसूली व्यय की राशि 2,200 रुपये हैं। वसूली खाता, बैंक खाता व साझेदारों के पूँजी खाते तैयार करें।