हिंदी

ठोस उत्प्रेरक गैसीय अणुओं के मध्य संयुक्त होने की दर को किस प्रकार बढ़ाता है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

ठोस उत्प्रेरक गैसीय अणुओं के मध्य संयुक्त होने की दर को किस प्रकार बढ़ाता है?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

जब गैसीय अणु ठोस उत्प्रेरक के पृष्ठ के सम्पर्क में आते हैं, तो उत्प्रेक के पृष्ठ और गैसीय अणुओं के मध्य एक दुर्बल रासायनिक संयोजन होता है, जिससे पृष्ठ पर अभिक्रियकों की सांद्रता बढ़ जाती है। एक दूसरे के निकट अधिशोषित विभिन्‍न प्रकार के अणुओं के लिए अभिक्रिया करने और नए अणु बनाने का अच्छा मौका होता है। यह अभिक्रिया की दर को बढ़ा देता है। इसके अतिरिक्त अधिशोषण ऊर्जा उत्सर्जन प्रक्रम भी है। अधिशोषण से निकली ऊर्जा अभिक्रिया की दर बढ़ाने में उपयोग में आती है।

shaalaa.com
उत्प्रेरण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 5: पृष्ठ रसायन - अभ्यास [पृष्ठ ७४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 5 पृष्ठ रसायन
अभ्यास | Q III. 65. | पृष्ठ ७४

संबंधित प्रश्न

एस्टर का जलअपघटन प्रारंभ में धीमा एवं कुछ समय पश्चात् तीव्र क्यों हो जाता है?


उत्प्रेरण के प्रक्रम में विशोषण की क्या भूमिका है?


अधिशोषण हमेशा ऊष्माक्षेपी क्यों होता है?


एन्जाइम क्या होते हैं? एन्जाइम उत्प्रेरण की क्रिया विधि को संक्षेप में लिखिए।


विषमांगी उत्प्रेरण के चार उदाहरण लिखिए।


उत्प्रेरक की सक्रियता एवं वरणक्षमता का क्या अर्थ है?


आकृति वरणात्मक उत्प्रेरण क्या है?


जब गोल्ड सॉल में जिलेटिन मिलाया जाता है तो क्या होता है?


आइसक्रीम में जिलेटिन, जो कि पेप्टाइड होता है, मिलाया जाता है। इसे क्यों मिलाया जाता होगा?


विषमांगी उत्प्रेरक में विसरण की क्या भूमिका होती है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×