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तिब्बत के मंत्री अपने बेटे के भोलेपन से चिंतित रहते थे। तुम्हारे विचार से वे किन-किन बातों के बारे में सोचकर परेशान होते थे? - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

तिब्बत के मंत्री अपने बेटे के भोलेपन से चिंतित रहते थे।

तुम्हारे विचार से वे किन-किन बातों के बारे में सोचकर परेशान होते थे?

एक पंक्ति में उत्तर

उत्तर

कहीं उनके बेटे को कोई मूर्ख न बना दे। कहीं उसका अत्यधिक भोलापन उसके जीवन रूपी नाव को डुबो न दे। वह अपना जीवन निर्वाह कैसे करेगा? कहीं. कोई लड़की उससे शादी करने को तैयार न हो, आदि, आदि।

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राख की रस्सी
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अध्याय 1: राख की रस्सी - राख की रस्सी [पृष्ठ ८]

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एनसीईआरटी Hindi - Rimjhim Class 5
अध्याय 1 राख की रस्सी
राख की रस्सी | Q 1. (क) | पृष्ठ ८

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तिब्बत के मंत्री अपने बेटे के भोलेपन से चिंतित रहते थे।

तुम तिब्बत के मंत्री की जगह होती तो क्या उपाय करती?


"मंत्री ने अपने बेटे को शहर की तरफ रवाना किया।”

मंत्री ने अपने बेटे को शहर क्यों भेजा था?


"मंत्री ने अपने बेटे को शहर की तरफ रवाना किया।"

उसने अपने बेटे को भेड़ों के साथ शहर में ही क्यों भेजा?


तुम्हारे घर के बड़े लोग पहले कहाँ रहते थे? घर में पता करो। आस-पड़ोस में भी किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में पता करो कि किसी दूसरी जगह जाकर बस गया हो। उनसे बातचीत करो और जानने की कोशिश करो कि क्या वे अपने निर्णय से खुश हैं। क्यों? एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चे से बात करो। यह भी पूछो कि उन्होंने वह जगह क्यों छोड़ दी?’


“जौ’ एक तरह का अनाज है जिसे कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है। इसकी रोटी बनाई जाती है, सत्तू बनाया जाता है और सूखा भूनकर भी खाया जाता है। अपने घर में और स्कूल में बातचीत करके कुछ और अनाजों के नाम पता करो।

गेहूँ जौ
______ ______
______ ______

गेहूँ और जौ अनाज होते हैं और ये तीनों शब्द संज्ञा हैं। ‘गेहूँ’ और ‘जौ’ अलग-अलग किस्म के अनाजों के नाम हैं इसलिए ये दोनों व्यक्तिवाचक संज्ञा हैं और ‘अनाज’ जातिवाचक संज्ञा है। इसी प्रकार ‘रिमझिम’ व्यक्तिवाचक संज्ञा है। और ‘पाठ्यपुस्तक’ जातिवाचक संज्ञा है।

(क) नीचे दी गई संज्ञाओं का वर्गीकरण इन दो प्रकार की संज्ञाओं में करो|

लेह धातु शेरवानी भोजन
ताँबा खिचड़ी शहर वेशभूषा

(ख) ऊपर लिखी हर जातिवाचक संज्ञा के लिए तीन-तीन व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ खुद सोचकर लिखो।


पहली बार में मंत्री के बेटे ने भेड़ों के बाल बेच दिए और दूसरी बार में भेड़ों के सींग बेच डाले। जिन लोगों ने ये चीजें खरीदी होंगी, उन्होंने भेड़ों के बालों और सींगों का क्या किया होगा? अपनी कल्पना से बताओ।


नीचे कहानी से कुछ वाक्य दिए गए हैं। इन बातों को तुम किस तरह से कह सकती हो-

चैन से जिंदगी चल रही थी।


नीचे कहानी से कुछ वाक्य दिए गए हैं। इन बातों को तुम किस तरह से कह सकती हो-

होशियारी उसे छूकर भी नहीं गई थी।


नीचे कहानी से कुछ वाक्य दिए गए हैं। इन बातों को तुम किस तरह से कह सकती हो-

 मैं इसका हल निकाल देती हूँ।


नीचे कहानी से कुछ वाक्य दिए गए हैं। इन बातों को तुम किस तरह से कह सकती हो-

उनकी अपनी चालाकी धरी रह गई।


'लोनपो गार का बेटा होशियार नहीं था।'

‘होशियार’ और ‘चालाक’ में क्या फ़र्क होता है? किस आधार पर किसी को तुम चालाक या होशियार कह | सकती हो? इसी प्रकार ‘भोला’ और ‘बुद्ध के बारे में भी सोचो और कक्षा में चर्चा करो।


लड़की को तुम ‘समझदार’ कहोगी यो ‘बुद्धिमान’? क्यों?


कहानी में लोनपोगार के बेटे और लड़की को कोई नाम नहीं दिया गया है। नीचे तिब्बत में क्च्चों के नामकरण के. बारे में बताया गया है। यह परिचय पढ़ो और मनपसंद नाम छाँटकर बेटे और लड़की को कोई नाम दो।
नायिमा, डावा, मिगमार, लाखपा, नुखू, फू दोरजे ये क्या हैं? कोई खाने की चीज या घूमने की जगहों के नाम। जी नहीं, ये हैं तिब्बती बच्चों के कुछ नाम। ये सारे नाम तिब्बत में शुभ माने जाते हैं। ‘नायिमा’ नाम दिया जाता है रविवार को जन्म लेने वाले बच्चों को मानते हैं कि इससे बच्चे को उस दिन के देवता सूरज जैसी शक्ति मिलेगी और जब-जब उसका नाम पुकारा जाएगा, यह शक्ति बढ़ती जाएगी। सोमवार को जन्म लेने वाले बच्चों का नाम ‘डावा’ रखा जाता है। यह लड़का-लड़की दोनों को नाम हो सकता है। तिब्बती भाषा में डावा के दो मतलब होते हैं, सोमवार और चाँद । यानी डावा चाँद जैसी रोशनी फैलाएगी और अँधेरा दूर करेगी। तिब्बत में बुद्ध के स्त्री-पुरुष रूपों पर भी नामकरण करते हैं खासकर दोलमा नाम बहुत मिलता है। यह बुद्ध के स्त्री रूप तारा का ही तिब्बती नाम है।


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