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प्रश्न
तीन सर्वसम बल्ब B1, B2, तथा B3, चित्र में दर्शाए अनुसार संयोजित हैं। जब तीनों बल्ब चमकते हैं, तो ऐमीटर A का पाठ्यांक 3A होता है।
- यदि बल्ब B1 फ्यूज़ हो जाए, तो अन्य दो बल्बों की चमक पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- यदि बल्ब B2 फ्यूज़ हो जाए तो A1, A2, A3, तथा A के पाठ्यांकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- जब तीनों बल्ब एक साथ चमकते हैं, तो परिपथ में कितनी शक्ति क्षय होती है?
उत्तर
चूँकि सभी तीन बल्ब एक जैसे हैं इसलिए प्रत्येक बल्ब के माध्यम से धारा समान होगी अर्थात 1 A
- यहां तक कि जब बल्ब B1 फ्यूज हो जाता है, तो अन्य दो बल्ब समान चमक के साथ चमकते रहेंगे क्योंकि सभी तीन बल्ब समानांतर में जुड़े हुए हैं इसलिए प्रत्येक बल्ब के बीच विभवांतर समान रहता है।
- जब बल्ब B2 फ्यूज हो जाता है तो A2 का पाठ्यांक शून्य हो जाएगा। A1 और A3 का पाठ्यांक 1A के समान ही रहेगा क्योंकि उनके बीच विभवान्तर समान रहता है। हालाँकि, A का पाठ्यांक घट जाएगा और 2A हो जाएगा।
- बल्ब B1 द्वारा क्षयित ऊर्जा होगी
P1 = VI
P1 = 4.5 × 1
P1 = 4.5 W
इसी प्रकार,
P2 = 4.5 W
P3 = 4.5 W
अतः परिपथ द्वारा क्षय की गई कुल ऊर्जा होगी,
Pnet = P1 + P2 + P3
Pnet = 4.5 + 4.5 + 4.5
Pnet = 13.5W
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