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प्रश्न
टिप्पणी लिखिए।
वाष्पोच्छवास
उत्तर
वनस्पतियाँ पत्तियों पर उपस्थित पर्णरंध्रों की सहायता से वाष्प के रूप में पानी का उत्सर्जन करती है। पर्णरंध्र के चारों ओर बगल में दो बाह्य आवरणयुक्त कोशिकाएँ होती हैं, जिन्हें रक्षक कोशिका कहते हैं। ये कोशिकाएँ पर्णरंध्रों के खुलने व बंद होने पर नियंत्रण करती हैं। इन पर्णरंध्रों द्वारा वाष्पोत्सर्जन होता है। इस क्रिया को वाष्पोच्छवास कहते है। पत्तियों से वाष्पीकरण की क्रिया द्वारा पानी वातावरण में उत्सर्जित होता है। इस कारण पत्तियों की अपीत्वचा में पानी की मात्रा कम हो जाती है। पानी के इस अनुपात को सही रखने के लिए जलवाहिनियों द्वारा पानी पत्तियों तक पहुँचाया जाता है। वाष्पीच्छ्वास की क्रिया पानी व खनिज को अवशोषित करने तथा उसे सभी भागों में पहुँचाने में मदद करती है तथा मूलीय दाब के परिणामस्वरूप रात के समय पानी ऊपर की ओर चढ़ाने का महत्त्वपूर्ण कार्य होता है।