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प्रश्न
‘तत्सत’ शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
‘तत्सत’
'तत्सत' यह कथा प्रतीकात्मक है। तत्सत" शब्द का अर्थ है "वही सत्य है" या "यही सत्य है।" यह शब्द अक्सर भारतीय दार्शनिक चिंतन और आध्यात्मिक ग्रंथों में उपयोग किया जाता है। 'तत्सत' का उपयोग उस सत्य की पहचान के लिए किया जाता है जो स्थायी और अपरिवर्तनीय होता है, जैसे कि आध्यात्मिक सत्य या अंतिम वास्तविकता। इस शब्द का उपयोग उस सत्य को उजागर करने के लिए भी होता है जो सांसारिक और मायावी प्रपंच से परे होता है। आदमी जवाब देता है, "हम सभी जंगल में हैं।हालांकि", पेड़, पौधे, जानवर और पक्षी उसे सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। एक ईश्वर जैसे ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार करने के लिए तैयार है। बड़े दादा ने जो कहा वह दादा ने एक जप के आकार में एक संदेश दिया, जैसे कि चैतन्य उसके अंदर निहित था। वे कबीले के भीतर का हिस्सा देखते हैं। यह शब्द अक्सर भारतीय दार्शनिक और आध्यात्मिक संदर्भों में प्रयोग होता है, जहां यह उस अंतिम सत्य या वास्तविकता का प्रतिनिधित्व करता है जो स्थायी और अपरिवर्तनीय है। 'तत्सत' शीर्षक इसी सत्य की गहराई और उसके स्थायित्व को दर्शाता है, और यह आध्यात्मिक या दार्शनिक संदर्भ में उस अटल और शाश्वत सत्य की ओर संकेत करता है।हमें परम शक्तिशाली होने की अस्पृश्यता को स्वीकार करना चाहिए। यह सच है। यही कारण है कि कहानी का शीर्षक अर्थ है। 'तत्सत' शब्द ईश्वर की सच्चाई को संदर्भित करता है।