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प्रश्न
तत्त्वों F, CI, O और N तथा ऑक्सीकरण गुणधर्मों के आधार पर उनकी रासायनिक अभिक्रियाशीलता का क्रम निम्नलिखित में से कौन-से तत्त्वों में है?
विकल्प
F > Cl > O > N
F > O > Cl > N
Cl > F > O > N
O > F > N > Cl
उत्तर
F > O > Cl > N
स्पष्टीकरण:
तत्त्वों का ऑक्सीकारक गुणधर्म एक आवर्त में बायें से दायें चलने पर बढ़ता है तथा वर्ग में नीचे जाने पर घटता है। ऑक्सीजन Cl की तुलना में एक प्रबल ऑक्सीकारक पदार्थ है क्योंकि O अधिक विद्युत ऋणात्मक है।
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संबंधित प्रश्न
कुछ तत्त्वों की प्रथम ∆iH1 और द्वितीय ∆iH2 आयनन एन्थैल्पी (kJ mol−1 में) और इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (∆egH) (kJ mol−1 में) निम्नलिखित है-
तत्त्व | ∆H1 | ∆H2 | ∆egH |
I | 520 | 7300 | –60 |
II | 419 | 3051 | –48 |
III | 1681 | 3374 | –328 |
IV | 1008 | 1846 | –295 |
V | 2372 | 5251 | +48 |
VI | 738 | 1451 | –40 |
ऊपर दिए गए तत्त्वों में से कौन-सी सबसे कम अभिक्रियाशील धातु है?
कुछ तत्त्वों की प्रथम ∆iH1 और द्वितीय ∆iH2 आयनन एन्थैल्पी (kJ mol−1 में) और इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (∆egH) (kJ mol−1 में) निम्नलिखित है-
तत्त्व | ∆H1 | ∆H2 | ∆egH |
I | 520 | 7300 | –60 |
II | 419 | 3051 | –48 |
III | 1681 | 3374 | –328 |
IV | 1008 | 1846 | –295 |
V | 2372 | 5251 | +48 |
VI | 738 | 1451 | –40 |
ऊपर दिए गए तत्त्वों में से कौन-सी सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु है?
कुछ तत्त्वों की प्रथम ∆iH1 और द्वितीय ∆iH2 आयनन एन्थैल्पी (kJ mol−1 में) और इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (∆egH) (kJ mol−1 में) निम्नलिखित है-
तत्त्व | ∆H1 | ∆H2 | ∆egH |
I | 520 | 7300 | –60 |
II | 419 | 3051 | –48 |
III | 1681 | 3374 | –328 |
IV | 1008 | 1846 | –295 |
V | 2372 | 5251 | +48 |
VI | 738 | 1451 | –40 |
ऊपर दिए गए तत्त्वों में से कौन-सी सबसे अधिक अभिक्रियाशील अधातु है?
कुछ तत्त्वों की प्रथम ∆iH1 और द्वितीय ∆iH2 आयनन एन्थैल्पी (kJ mol−1 में) और इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (∆egH) (kJ mol−1 में) निम्नलिखित है-
तत्त्व | ∆H1 | ∆H2 | ∆egH |
I | 520 | 7300 | –60 |
II | 419 | 3051 | –48 |
III | 1681 | 3374 | –328 |
IV | 1008 | 1846 | –295 |
V | 2372 | 5251 | +48 |
VI | 738 | 1451 | –40 |
ऊपर दिए गए तत्त्वों में से कौन-सी सबसे कम अभिक्रियाशील अधातु है?
कुछ तत्त्वों की प्रथम ∆iH1 और द्वितीय ∆iH2 आयनन एन्थैल्पी (kJ mol−1 में) और इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (∆egH) (kJ mol−1 में) निम्नलिखित है-
तत्त्व | ∆H1 | ∆H2 | ∆egH |
I | 520 | 7300 | –60 |
II | 419 | 3051 | –48 |
III | 1681 | 3374 | –328 |
IV | 1008 | 1846 | –295 |
V | 2372 | 5251 | +48 |
VI | 738 | 1451 | –40 |
ऊपर दिए गए तत्त्वों में से कौन-सी ऐसी धातु है, जो स्थायी द्विअंगी हैलाइड (binary halide), जिनका सूत्र MX2 (X = हैलोजेन) है, बनाता है।
कुछ तत्त्वों की प्रथम ∆iH1 और द्वितीय ∆iH2 आयनन एन्थैल्पी (kJ mol−1 में) और इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (∆egH) (kJ mol−1 में) निम्नलिखित है-
तत्त्व | ∆H1 | ∆H2 | ∆egH |
I | 520 | 7300 | –60 |
II | 419 | 3051 | –48 |
III | 1681 | 3374 | –328 |
IV | 1008 | 1846 | –295 |
V | 2372 | 5251 | +48 |
VI | 738 | 1451 | –40 |
ऊपर दिए गए तत्त्वों में से कौन-सी ऐसी धातु, जो मुख्यतः MX (X = हैलोजेन) वाले स्थायी सहसंयोजी हैलाइड बनाती है।