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प्रश्न
तुम अपने विचार लिखों:
शिलालेख को इतिहास लेखन का विश्वसनीयप्रमाण माना जाता है।
लघु उत्तरीय
उत्तर
शिलालेख का मतलब पत्थर, दीवार आदि पर की गई नक्काशी या लेखन से है। इसके कुछ उदाहरण हैं - तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर के शिलालेख, चालुक्य, राष्ट्रकूट, चोल और यादव राजाओं के समय के शिलालेख।
- शिलालेख: एक भौतिक स्रोत:
- शिलालेख एक भौतिक स्रोत हैं, जो व्यक्तियों, समाज, स्थान और समय के बारे में प्रामाणिक जानकारी प्रदान करते हैं।
- ये कारक इतिहास के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
- शिलालेखों से प्राप्त जानकारी:
- शिलालेखों के माध्यम से उस समय की भाषा, लिपि और सामाजिक जीवन जैसी विभिन्न विशेषताओं के बारे में जानकारी मिलती है।
इस प्रकार की जानकारी को प्रामाणिक और विश्वसनीय माना जाता है।इसलिए, शिलालेख को इतिहास का एक प्रामाणिक स्रोत माना जाता है क्योंकि यह हमें अतीत की सटीक और भरोसेमंद जानकारी प्रदान करता है।
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