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प्रश्न
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
उस दिन शाम के वक्त झील किनारे टहल रहे थे। एक भुट्टेवाला आया और बोला- ‘‘साब, भुट्टा लेंगे। गरम-गरम भूनकर मसाला लगाकर दूँगा। सहज ही पूछ लिया- ‘‘कितने का है?’’ ‘‘पाँच रुपये का।’’ क्या? पाँच रुपये में एक भुट्टा। हमारे शहर में तो दो रुपये में एक मिलता है, तुम तीन ले लो।’’ ‘‘नहीं साब, ‘‘पाँच से कम में तो नहीं मिलेगा ...’’ ‘‘तो रहने दो ...’’ हम आगे बढ़ गए।’’ एकाएक पैर ठिठक गए और मन में विचार उठा कि हमारे जैसे लोग पहाड़ों पर घूमने का शौक रखते हैं, हजारों रुपये खर्च करते हैं, अच्छे होटलों में रुकते हैं जो बड़ी दूकानों में बिना दाम पूछे खर्च करते हैं, पर गरीब से दो रुपये के लिए झिक-झिक करते हैं, कितने कंगाल हैं हम! उल्टे कदम लौटा और बीस रुपये में चार भुट्टे खरीदकर चल पड़ा अपनी राह। मन अब सुकून अनुभव कर रहा था। |
(1) नाम लिखिए- (2)
(i)
(ii)
(2) लिखिए- (2)
- महत्वपूर्ण जगह का नाम।
- लेखक ने बीस रुपये में कितने भुट्टे खरीदे।
(3) गद्यांश में ढूँढ़कर लिखिए- (2)
(i) प्रत्यययुक्त शब्द: (1)
- ______
- ______
(ii) ऐसे दो शब्द जिनका वचन परिवर्तन नहीं होता है- (1)
- ______
- ______
(4) फुटपाथ पर सामान बेचने वाले की दशा पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
संक्षेप में उत्तर
उत्तर
(1)
(i)
(ii)
(2)
- झील
- चार भुट्टे
(3) (i)
- धनी
- गाँव
(ii)
- और
- क्या
(4) फुटपाथ पर सामान बेचने वाले को हमेशा यह डर सताता है कि कब म्यूनिसपैलिटि (नगरपालिका) की गाड़ी आ जाए और इनका सामान व ढेला को उठाकर जब्त कर ले। ये दुकानदार सरकार द्वारा रजिस्टर्ड नहीं होते, अत: किसी कानूनी हक के अधिकारी भी नहीं होते। सरकार व प्रशासन को इन्हें सुरक्षित स्थान आवंटित करना चाहिए।
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कंगाल
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