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वाणी से संस्कार छलकते हैं। - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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प्रश्न

वाणी से संस्कार छलकते हैं। 

विस्तार में उत्तर

उत्तर

यह वाक्य हमें यह सिखाता है कि व्यक्ति की वाणी (बोलने का तरीका) उसके संस्कारों और चरित्र को दर्शाती है। जिस प्रकार एक पेड़ उसके फलों से पहचाना जाता है, उसी प्रकार व्यक्ति की भाषा, शब्दों और बातचीत के तरीके से उसके अच्छे या बुरे संस्कारों का पता चलता है।

  • हम जैसे बोलते हैं, वैसे ही लोग हमारे बारे में राय बनाते हैं।
  • अगर हमारी वाणी सभ्य, मधुर और स्नेहपूर्ण होगी, तो यह हमारे अच्छे संस्कारों को दर्शाएगी।
  • अगर कोई विनम्र, सत्यवादी और मधुर भाषा का प्रयोग करता है, तो लोग उसकी बातों को सम्मान देते हैं।
  • गलत, कठोर या अपमानजनक भाषा न केवल दूसरों को दुखी करती है, बल्कि हमारे व्यक्तित्व को भी नकारात्मक दिखाती है।
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अध्याय 1.7: साक्षात्कार - पाठ्य प्रश्न [पृष्ठ २५]

APPEARS IN

बालभारती Integrated 7 Standard Part 3 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
अध्याय 1.7 साक्षात्कार
पाठ्य प्रश्न | Q १६. | पृष्ठ २५
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