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वायव फोटो के महत्वपूर्ण उपयोग कौन-कौन से हैं? - Geography (भूगोल)

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प्रश्न

वायव फोटो के महत्वपूर्ण उपयोग कौन-कौन से हैं?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

वायव फोटो का उपयोग स्थलाकृतिक मानचित्रों को खींचने एवं उनका निर्वचन करने के लिए किया जाता है। इन दो विभिन्न उपयोगों के कारण फोटोग्राममिति तथा फोटो/प्रतिबिंब निर्वचन के रूप में दो स्वतंत्र, लेकिन एक-दूसरे से संबंधित विज्ञानों का विकास हुआ। फोटोग्राममिति-यह वायवे फोटो के द्वारा विश्वसनीय मापन का विज्ञान एवं तकनीक है। फोटोग्राममिति के सिद्धांत, इस प्रकार के फोटो की परिशुद्ध लम्बाई, चौड़ाई एवं ऊँचाई की माप प्रदान करते हैं। इसलिए स्थलाकृतिक मानचित्रों को तैयार करने एवं उन्हें अद्यतन बनाने में, ये अत्यधिक उपयोगी सिद्ध होते हैं।

प्रतिबिंब निर्वचन – यह वस्तुओं के स्वरूपों को पहचानने तथा उनके सापेक्षिक महत्व से संबंधित निर्णय लेने की प्रक्रिया है। प्रतिबिंब निर्वचन के सिद्धान्त के प्रयोग से वायव फोटो की गुणात्मक जानकारियाँ ज्ञात की जा सकती हैं, जैसे- भूमि उपयोग, स्थलाकृतियों के प्रकार, मिट्टी के प्रकार इत्यादि। इस प्रकार, एक दक्ष इंटरप्रेटर वायव फोटो का उपयोग करके वातावरणीय प्रक्रम एवं कृषि-भूमि उपयोगों में परिवर्तन का विश्लेषण करता है।

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वायव फ़ोटो के प्रकार
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अध्याय 6: वायव फ़ोटो का परिचय - अभ्यास [पृष्ठ ७९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Practical Work in Geography [Hindi] Class 11
अध्याय 6 वायव फ़ोटो का परिचय
अभ्यास | Q 3. (क) | पृष्ठ ७९
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