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प्रश्न
वैद्युत प्रतिरोधकता किसे कहते हैं? किसी श्रेणी विद्युत परिपथ में, जिसमें धातु के तार से बना प्रतिरोधक संयोजित है, ऐमीटर का पाठ्यांक 5A है। तार की लंबाई दोगुनी करने पर ऐमीटर का पाठ्यांक घटकर आधा रह जाता है। क्यों?
उत्तर
विद्युत प्रतिरोधकता प्रतिरोधक का अंतर्निहित गुण है जिसके कारण यह विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करता है। यह केवल प्रतिरोधक की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करता है।
प्रतिरोध लंबाई के साथ सीधे आनुपातिक रूप से भिन्न होता है। जब लम्बाई दुगुनी कर दी जाती है तो प्रतिरोध भी दुगना हो जाता है। ओम के नियम के अनुसार धारा प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपाती होती है। यदि प्रतिरोध दोगुना हो जाता है तो धारा आधी अर्थात 5 A से 2.5 A हो जाएगी।
यही कारण है कि ऐमीटर का पाठ्यांक घटकर आधा रह जाता है।
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