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प्रश्न
वैश्विक निर्धनता की प्रवृत्तियों की चर्चा करें।
उत्तर
विकासशील देशों में अत्यंत आर्थिक निर्धनता में रहने वाले लोगों, विश्व बैंक की परिभाषा के अनुसार प्रतिदिन 1 डॉलर से कम पर जीवन निर्वाह करने का अनुपात 1990 के 28 प्रतिशत से गिर कर 2001 में 21 प्रतिशत हो गया है। यद्यपि 1980 से वैश्विक निर्धनता में उल्लेखनीय गिरावट आई है, लेकिन इसमें वृहत क्षेत्रीय भिन्नताएँ पाई जाती हैं। तीव्र आर्थिक प्रगति और मानव संसाधन विकास में वृहत निवेश के कारण चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में निर्धनता में विशेष कमी आई है। चीन में निर्धनों की संख्या 1981 के 60.6 करोड़ से घट कर 2001 में 21.2 करोड़ हो गई है। दक्षिण एशिया के देशों (भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान) में निर्धनों की संख्या में गिरावट इतनी तीव्र नहीं है। जबकि लैटिन अमेरिका में निर्धनता का अनुपात पहले जैसा ही है, सब-सहारा अफ़्रीका में निर्धनता वास्तव में 1981 के 41 प्रतिशत से बढ़कर 2001 में 46 प्रतिशत हो गई है। विश्व विकास रिपोर्ट के अनुसार नाइजीरिया, बांग्लादेश और भारत में अब भी बहुत सारे लोग प्रतिदिन 1 डॉलर से कम पर जीवन निर्वाह कर रहे है। रूस जैसे पूर्व समाजवादी देशों में भी निर्धनता पुनः व्याप्त हो गई, जहाँ पहले आधिकारिक रूप से कोई निर्धनता थी।