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विजयनगर की जल-आवश्यकताओं को किस प्रकार पूरा किया जाता था? - History (इतिहास)

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प्रश्न

विजयनगर की जल-आवश्यकताओं को किस प्रकार पूरा किया जाता था?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

विजयनगर की जल-आवश्यकताओं को मुख्य रूप में तुंगभद्रा नदी से निकलने वाली धाराओं पर बाँध बनाकर पूरा किया जाता था। बाँधों से विभिन्न आकार के हौज़ों का निर्माण किया जाता था। इस हौज के पानी से न केवल आस-पास के खेतों को सींचा जा सकता था बल्कि इसे एक नहर के माध्यम से राजधानी तक भी ले जाया जाता था। कमलपुरम् जलाशय नामक हौज़ सबसे महत्त्वपूर्ण हौज़ था। तत्कालीन समय के सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण जल संबंधी संरचनाओं में से एक, हिरिया नहर के भग्नावशेषों को आज भी देखा जा सकता है। इस नहर में तुंगभद्रा पर बने बाँध से पानी लाया जाता था और इस धार्मिक केंद्र से शहरी केंद्र को अलग करने वाली घाटी को सिंचित करने में प्रयोग किया जाता था। इसके अलावा झील, कुएँ, बरसत के पानी वाले जलाशय तथा मंदिरों के जलाशय सामान्य नगरवासियों के लिए पानी की आवश्यकताओं को पूरा करते थे।

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विजयनगर - राजधानी तथा उसके परिप्रदेश
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अध्याय 7: एक साम्राज्य की राजधानी : विजयनगर - अभ्यास [पृष्ठ १९४]

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एनसीईआरटी History [Hindi] Class 12
अध्याय 7 एक साम्राज्य की राजधानी : विजयनगर
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ १९४

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