हिंदी

विकासवादी परिप्रेक्ष्य व्यवहार के जैविक आधार की किस प्रकार व्याख्या करता है? - Psychology (मनोविज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

विकासवादी परिप्रेक्ष्य व्यवहार के जैविक आधार की किस प्रकार व्याख्या करता है?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

विकासवादी परिप्रेक्ष्य व्यवहार के जैविक आधार की व्याख्या इस प्रकार करता है कि विकासवादी प्रक्रिया के कारण होने वाली शारीरिक तथा मनोवैज्ञानिक विशेषताओं में भी परिवर्तन हो सकते हैं | यह प्रजाति के अस्तित्व बनाए रखने के लिए आवश्यक होता है | यह विकास पर्यावरण की माँगों के परिणामस्वरूप हुआ है | कुछ व्यवहार इस विकास में स्पष्ट भूमिका निभाते हैं | उदाहरण के लिए, आहार ढूँढने की योग्यता, परभक्षी से दूर रहना और छोटे बच्चों की सुरक्षा | ये सब जीव तथा उसकी प्रजाति की उत्तरजीविता से संबंधित उद्देश्य हैं | आधुनिक मानवों के पास ये अभिलक्षण कई हजार वर्षों से है |

आधुनिक मानवों के तीन महत्वपूर्ण अभिलक्षण उन्हें अपने पूर्वजों से अलग करते हैं-

  1. बड़ा और विकसित मस्तिष्क, जिसमें संज्ञानात्मक व्यवहार: जैसे - प्रत्यक्षण, स्मृति, तर्कना, समस्या समाधान और संप्रेषण के लिए भाषा का उपयोग करने की अधिक क्षमता |
  2. दो पैरों पर सीधा खड़ा होकर चलने की क्षमता |
  3. काम करने योग्य विपरीत अंगूठे के साथ मुक्त हाथ |
shaalaa.com
विकासवादी परिप्रेक्ष्य
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: मानव व्यवहार के आधार - समीक्षात्मक प्रश्न [पृष्ठ ६३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Psychology [Hindi] Class 11
अध्याय 3 मानव व्यवहार के आधार
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 1. | पृष्ठ ६३
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×