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"विस का प्याला राणा भेज्या, पीवत मीरां हाँसी" - इसमें क्या व्यंग्य छिपा है? - Hindi (Core)

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प्रश्न

"विस का प्याला राणा भेज्या, पीवत मीरां हाँसी" - इसमें क्या व्यंग्य छिपा है?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

मीरा के व्यवहार को उनके ससुरालवाले अपने कुल की मर्यादा के विरुद्ध मानते थे। अत: मीरा को मर्यादित व्यवहार करने के लिए उन्होंने कई बार समझाया और जब वह कृष्ण-भक्ति से नहीं हटीं तो उन्होंने मीरा को मारने का प्रयास किया। राणा (मीरा के ससुर) ने मीरा को मारने के लिए ज़हर का प्याला भेजा जिसे मीरा हँसते-हँसते पी गई। उसे मारनेवालों की सभी योजनाएँ धरी रह गईं। वे जिसे मारना चाहते थे, वह हँस रही थी।

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मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई
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अध्याय 2.02: मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची - अभ्यास [पृष्ठ १३८]

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एनसीईआरटी Hindi - Aaroh Class 11
अध्याय 2.02 मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
अभ्यास | Q 4. | पृष्ठ १३८

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