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प्रश्न
वर्ग 15 के तत्वों की रासायनिक क्रियाशीलता की प्रवृत्ति की विवेचना कीजिए।
उत्तर
(i) हाइड्राइड (Hydrides) – वर्ग 15 के सभी तत्व MH3 तथा MH4 प्रकार के हाइड्राइड बनाते हैं। (M = N, P, As, Sb, Bi)।
- क्षारीय गुण (Basic character) – हाइड्राइडों के क्षारीय गुण उनके आकार बढ़ने अर्थात् इलेक्ट्रॉन घनत्व घटने के साथ घटते हैं।
- ऊष्मीय स्थायित्व (Thermal stability) – वर्ग में नीचे जाने पर हाइड्राइडों का ऊष्मीय स्थायित्व घटता है क्योंकि परमाणु आकार बढ़ता है जिससे बन्ध लम्बाई (M – H) बढ़ती है।
- अपचायक गुण (Reducing character) – यह वर्ग में नीचे जाने पर बढ़ता है क्योंकि स्थायित्व घटता है। NH3 के अतिरिक्त सभी प्रबल अपचायक होते हैं।
- क्वथनांक (Boiling point) – NH3 का क्वथनांक हाइड्रोजन आबंध के कारण PH3 से अधिक होता है। क्वथनांक PH3 से आगे जाने पर बढ़ते हैं क्योंकि आण्विक द्रव्यमान बढ़ने के कारण वान्डर वाल्स बलों में वृद्धि होती है।
अभिक्रियाएँ –
- \[\ce{Ca3P2 + 6H2O -> 2PH3 ^ + 3 Ca(OH)2}\]
- \[\ce{P4 + 3 KOH + 3H2O -> PH3 ^ + 3 KH2PO2}\]
- \[\ce{2NH3 + NaOCl -> N2H4 + NaCl + H2O}\]
(ii) हैलाइड (Halides) –
१. ट्राइहैलाइड (Trihalides) – ये सभी प्रकार के हैलोजेनों से सीधे संयोग करके MX3 प्रकार के ट्राइलाइड बनाते हैं। NBr3 तथा NI3 को छोड़कर सभी ट्राइहैलाइड स्थायी तथा पिरैमिडी संरचना के होते हैं। BiF3 के अतिरिक्त सभी ट्राइहैलाइड सहसंयोजी प्रकृति के होते हैं। ट्राइहैलाइडों की सहसंयोजी प्रकृति तत्व के आकार के बढ़ने पर घटती है।
\[\ce{->[NH3 > PF3 > AsF3 > SbF3 > BiF3][{घटते सहसंयोजी लक्षण}]}\]
ट्राइहैलाइड सरलता से जल-अपघटित हो जाते हैं –
- \[\ce{NCl3 + 3H2O -> NH3 ^ + 3 HOCl}\]
- \[\ce{PCl3 + 3H2O -> H3PO3 + 3 HCl}\]
- \[\ce{4 AsCl3 + 6H2O -> As4O6 + 12 HCl}\]
- \[\ce{SbCl3 + H2O -> SbOCl + 2 HCl}\]
- \[\ce{BiCl3 + H2O -> BiOCl + 2 HCl}\]
फॉस्फोरस तथा एण्टीमनी के ट्राइहैलाइड लूइस अम्ल की भाँति व्यवहार करते हैं।
- \[\ce{PF3 + F2 -> PF5}\]
- \[\ce{SbF3 + 2F^- -> [SbF5]^{2-}}\]
२. पेन्टाहैलाइड (Pentahalides) – P, As तथा Sb सूत्र MCl5 के पेन्टालाइड बनाते हैं। N पेन्टाहलाइड नहीं बनाता है; क्योंकि इलेक्ट्रॉन के उत्तेजन के लिए d-कक्षक अनुपस्थित होते हैं। Bi अक्रिय-युग्म प्रभाव के कारण पेन्टाहैलाइड नहीं बनाता। पेन्टाक्लोराइडों में sp3 संकरण होता है तथा इनकी संरचना त्रिकोणीय द्विपिरैमिडी होती है।
(iii) ऑक्साइड (Oxides) – ये ऑक्सीजन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़कर अधिक संख्या में ऑक्साइड बनाते हैं।
१. नाइट्रोजन के ऑक्साइड (Oxides of nitrogen) – नाइट्रोजन ऑक्सीजन के साथ क्रिया करके कई प्रकार के ऑक्साइड बनाता है। इनका संक्षिप्त वर्णन निम्नांकित रूप में तालिकाबद्ध है –
नाम | सूत्र | नाइट्रोजन की ऑक्सीजन अवस्था | बनाने की सामान्य विधियाँ | भौतिक रंग-रूप तथा रासायनिक प्रवृत्ति |
डाइनाइट्रोजन ऑक्साइड [नाइट्रोजन (I) ऑक्साइड] |
N2O | +1 | \[\ce{NH4NO3 ->[{ताप}] N2O ^ + 2H2O}\] | रंगहीन गैस, उदासीन। |
नाइट्रोजन मोनोऑक्साइड [नाइट्रोजन (II) ऑक्साइड] |
NO | +2 | \[\ce{2NaNo2 + 2FeSO4 + 3H2SO4 -> Fe2(SO4)3 + 2NaHSO4 + 2H2O + 2NO ^}\] | रंगहीन गैस, उदासीन। |
डाइनाइट्रोजन ट्राइऑक्साइड [नाइट्रोजन (III) ऑक्साइड] |
N2O3 | +3 | \[\ce{2NO + N2O4 ->[250 K] 2N2O3}\] | नीला ठोस, अम्लीय। |
नाइट्रोजन डाइऑक्साइड [नाइट्रोजन (IV) ऑक्साइड] |
NO2 | +4 | \[\ce{2Pb(NO3)2 ->[673 K] 4NO2 ^ + 2PbO + O2 ^}\] | भूरी गैस, अम्लीय। |
डाइनाइट्रोजन टेट्राऑक्साइड [नाइट्रोजन (IV) ऑक्साइड] |
N2O4 | +4 | \[\ce{2NO2 ⇌[{ठंडा}][{ताप}] N2O4}\] | रंगहीन ठोस/द्रव, अम्लीय। |
डाइनाइट्रोजन पेन्टाऑक्साइड |
N2O5 | +5 | \[\ce{4HNO3 + P4O10 -> 4HPO3 + 2N2O5}\] | रंगहीन ठोस, अम्लीय। |
२. फॉस्फोरस के ऑक्साइड (Oxides of phosphorus) – फॉस्फोरस के दो महत्त्वपूर्ण ऑक्साइड P4O6 (P2O3 का द्विलक) तथा P4O10 (P2O5 का द्विलक) हैं। इन्हें अग्रवत् प्राप्त किया जाता है।
\[\ce{P4 + 6O {(सीमित)} ->[\Delta] P4O6}\]
\[\ce{P4 + 5O2 {(आधिक्य)} -> P4O10}\]
३. अन्य तत्वों के ऑक्साइड (Oxides of other elements) – As4O6, As2O5, Sb4O6, Sb2O5, Bi2O3 तथा Bi2O5. N, P तथा As के ट्राइऑक्साइड अम्लीय होते हैं। अम्लीय गुण वर्ग में नीचे जाने पर घटता है। Sb का ऑक्साइड उभयधर्मी होता है, जबकि Bi का ऑक्साइड क्षारीय होता है। सभी पेन्टाऑक्साइड अम्लीय होते हैं। N2O5 प्रबलतम तथा Bi2O5 दुर्बलतम अम्लीय ऑक्साइड होता है।
४. ऑक्सी-अम्ल (Oxy-acids) – Bi को छोड़कर अन्य सभी तत्व ऑक्सी-अम्लों (जैसे- HNO3, H3PO4, H3AsO4, तथा H2SbO4) का निर्माण करते हैं। ऑक्सी-अम्लों का सामर्थ्य तथा स्थायित्व वर्ग में नीचे जाने पर घटता है।
\[\ce{->[HNO3 > H3PO4 > H3AsO4 > H3SbO4][{सामर्थ्य का घटता क्रम}]}\]
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