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वृंदावन में सुबह-शाम सैलानियों को होने वाली अनुभूति अन्य स्थानों की अनुभूति से किस तरह भिन्न है? - Hindi Course - A

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प्रश्न

वृंदावन में सुबह-शाम सैलानियों को होने वाली अनुभूति अन्य स्थानों की अनुभूति से किस तरह भिन्न है?

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उत्तर

वृंदावन में सुबह-शाम सैलानियों को सुखद अनुभूति होती है। वहाँ सूर्योदय पूर्व जब उत्साहित भीड़ यमुना की सँकरी गलियों से गुजरती है तो लगता है कि अचानक कृष्ण बंशी बजाते हुए कहीं से आ जाएँगे। कुछ ऐसी ही अनुभूति शाम को भी होती है। ऐसी अनुभूति अन्य स्थानों पर नहीं होती है।

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गद्य (Prose) (Class 9 A)
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अध्याय 4: साँवले सपनों की याद - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
अध्याय 4 साँवले सपनों की याद
अतिरिक्त प्रश्न | Q 7

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