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वर्तमान समय में परिवार की सरंचना, स्वरूप से जुड़ आपके अनुभव इस कहानी से कहाँ तक सामजस्य बैठा पाते है? - Hindi (Core)

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प्रश्न

वर्तमान समय में परिवार की सरंचना, स्वरूप से जुड़ आपके अनुभव इस कहानी से कहाँ तक सामजस्य बैठा पाते है?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

यह कहानी आज के समय की पारिवारिक संरचना और उसके स्वरूप का सही अंकन करती है। आज की परिस्थितियाँ इस कहानी की मूल्य संवेदना को प्रस्तुत करती हैं। आज के परिवारों में सिद्धांत और व्यवहार का अंतर दिखाई देता है। आज के परिवारों में भी यशोधर बाबू जैसे लोग मिल जाते हैं जो चाहकर भी स्वयं को बदल नहीं सकते। दूसरे को बदलता देख कर वे क्रोधित हो जाते हैं। उनका क्रोध स्वाभाविक है क्योंकि समय और समाज का बदलना जरूरी है। समय परिवर्तनशील है और व्यक्ति को उसके अनुसार ढल जाना चाहिए। यह कहानी वर्तमान समय की पारिवारिक संरचना और स्वरूप को अच्छे ढंग से प्रस्तुत करती है।

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सिल्वर वैडिंग
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अध्याय 1: सिल्वर वैडिंग (मनोहर श्याम जोशी) - अभ्यास [पृष्ठ २०]

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एनसीईआरटी Hindi - Vitaan Class 12
अध्याय 1 सिल्वर वैडिंग (मनोहर श्याम जोशी)
अभ्यास | Q 5. | पृष्ठ २०

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यशोधर बाबू की पत्नी समय के साथ ढल सकने में सफल होती है लेकिन यशोधर बाबू असफल रहते हैं। ऐसा क्यों?


पाठ में ‘जो हुआ होगा ‘ वाक्य की आप कितनी अर्थ छवियाँ खोज सकते/सकती हैं?


‘समहाउ इप्रॉपर’ वाक्यांश का प्रयोग यशोधर बाबू लगभग हर वाक्य के प्रारंभ में तकिया कलाम की तरह करते हैं। इस वाक्यांश का उनके व्यक्तित्व और कहानी के कथ्य से क्या सबध बनता है?


यशोधर बाबू की कहानी को दिशा देने में किशन दा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आपके जीवन की दिशा देने में किसका महत्वपूर्ण योगदान रहा और कैसे?


निम्नलिखित में से किस आप कहानी की मूल सवेदना कहगे/कहगी और क्यों?

  1. हाशिए पर धकेल जाते मानवीय मूल्य
  2. पीढ़ी का अतराल
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अपने घर और विद्यालय के आस-पास हो रह उन बदलावों के बारे में लिख जो सुविधाजनक और आधुनिक होते हुए भी बुजुगों को अच्छे नहीं लगते। अच्छा न लगने के क्या कारण होंगे?


यशोधर बाबू के बारे में आपकी क्या धारणा बनती है? दिए गए तीन कथनों में से आप जिसके समर्थन में हैं, अपने अनुभवों और सोच के आधार पर उसके लिए तर्क दीजिए

  1. यशोधर बाबू के विचार पूरी तरह से पुराने हैं और वे सहानुभूति के पात्र नहीं हैं।
  2. यशोधर बाबू में एक तरह का द्ववद्व है जिसके कारण नया उन्हें कभी-कभी खींचता तो है पर पुराना छोड़ता नहीं। इसलिए उन्हें सहानुभूति के साथ देखने की जरूरत हैं।
  3. यशोधर बाबू एक आदर्श व्यक्तित्व हैं और नयी पीढ़ी द्वारा उनके विचारों का अपनाना ही उचित हैं।

‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी की मूल संवेदना आप किसे मानेंगे-


‘सिल्वर वैडिंग’ पाठ में ‘जो हुआ होगा’ वाक्य का अर्थ है-


किशोर दा के रिटायर होने पर यशोधर बाबू उनकी सहायता क्यों नहीं कर पाए थे?


यशोधर बाबू दफ़्तर से घर जल्दी क्यों नहीं जाते थे?


कथन (A): यशोधर बाबू के बच्चे धर्म, रिश्तेदार तथा समाज को पिछड़ा मानते हैं।

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कहानी सिल्वर वैडिंग में यह वाक्य 'वह खुशहाली भी कैसी जो अपनों में परायापन पैदा करे' - किसने कहा होगा?


कहानी सिल्वर वैडिंग में यशोधर बाबू के बच्चों के लिए कहा गया है कि, 'बच्चे आधुनिक युवा हो चले हैं'। इस पंक्ति से लेखक का क्या आशय हो सकता है?


निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी में यशोधर बाबू को अपने बच्चों की आकर्षक आय ‘समहाउ इंप्रापर’ क्यों लगती है?


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