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व्याख्या कीजिए। मंडल परिष्करण - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

व्याख्या कीजिए।

मंडल परिष्करण

निम्नलिखित विधि द्वारा धातुओं के शोधन के सिद्धान्तों की रूपरेखा दीजिए।

मंडल परिष्करण

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

मंडल परिष्करण (Zone refining) – यह विधि इस सिद्धान्त पर आधारित है कि अशुद्धियों की विलेयता धातु की ठोस अवस्था की अपेक्षा गलित अवस्था में अधिक होती है। अशुद्ध धातु की छड़ के एक किनारे पर एक वृत्ताकार गतिशील तापक लगा रहता है। इसकी सहायता से अशुद्ध धातु को गर्म किया जाता है। तापक जैसे ही आगे की ओर बढ़ता है, गलित से शुद्ध धातु क्रिस्टलित हो जाती है तथा अशुद्धियाँ संलग्न गलितं मंडल में चली जाती हैं। इस क्रिया को कई बार दोहराया जाता है तथा तापक को एक ही दिशा में बार-बार चलाते हैं। अशुद्धियाँ छड़ के एक किनारे पर एकत्रित हो जाती हैं। इसे काटकर अलग कर लिया जाता है। यह विधि मुख्य रूप से अतिउच्च शुद्धता वाले अर्द्धचालकों जैसे जर्मेनियम, सिलिकन, बोरॉन, गैलियम एवं इण्डियम तथा अन्य अतिशुद्ध धातुओं को प्राप्त करने के लिए बहुत उपयोगी है।


                मंडल परिष्करण प्रक्रम

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अध्याय 6: तत्वों के निष्कर्षण के सिद्धांत एवं प्रक्रम - अभ्यास [पृष्ठ १७२]

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एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 6 तत्वों के निष्कर्षण के सिद्धांत एवं प्रक्रम
अभ्यास | Q 6.4 (1) | पृष्ठ १७२
एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 6 तत्वों के निष्कर्षण के सिद्धांत एवं प्रक्रम
अभ्यास | Q 6.26 (i) | पृष्ठ १७३
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