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यदि सच में पतंग 'काकी' तक पहुँच गई होती तो ... - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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प्रश्न

यदि सच में पतंग 'काकी' तक पहुँच गई होती तो ...

दीर्घउत्तर

उत्तर

यदि सच में पतंग 'काकी' तक पहुँच गई होती, तो यह विश्वेश्वर के पश्चाताप और काकी के प्रति उसके प्रेम का प्रतीक बन जाती। यह कल्पना की जा सकती है कि काकी इसे देखकर भावुक हो जातीं और महसूस करतीं कि आखिरकार किसी ने उनके बारे में सोचा। यह एक देर से मिली स्वीकृति और सम्मान का संकेत होता, जिससे उनकी आत्मा को शांति मिलती।

शायद यह पतंग उनके लिए विश्वेश्वर की माफी और अपने किए गए व्यवहार पर पछतावे का संदेश बन जाती। यह घटना हमें सिखाती है कि हमें अपने प्रियजनों के प्रति समय रहते संवेदनशील और प्रेमपूर्ण होना चाहिए, ताकि हमें बाद में पश्चाताप न करना पड़े।

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अध्याय 1.3: काकी - पाठ्य प्रश्न [पृष्ठ ९]

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बालभारती Integrated 7 Standard Part 3 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
अध्याय 1.3 काकी
पाठ्य प्रश्न | Q ८. | पृष्ठ ९
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