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प्रश्न
यद्यपि अब भारत में विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी का विस्तृत आधार है तथा यह तीव्रता से फैल भी रहा है, परन्तु फिर भी इसे विज्ञान के क्षेत्र में विश्व नेता बनने की अपनी क्षमता को कार्यान्वित करने में काफी दूरी तय करनी है। ऐसे कुछ महत्त्वपूर्ण कारक लिखिए जो आपके विचार से भारत में विज्ञान के विकास में बाधक रहे हैं?
उत्तर
आज भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी में विश्व में अपना स्थान बना चुका है और उसके पास अपना एक विस्तृत आधार है। चाहे वह मानव संसाधन, सूचना प्रौद्योगिकी, रॉके ,आयुर्विज्ञान, परिवहन, रक्षायन्त्र, नाभिकीय विज्ञान, अनुसंधान और बायोटेक्नोलॉजी तथा इंजीनियरिंग कोई भी क्षेत्र क्यों न हो लेकिन फिर भी कुछ कारण ऐसे हैं जिनसे यह विश्व में आज भी एकमान्य वैज्ञानिक शक्ति नहीं है, जिसके निम्नलिखित कारण हैं-
- विज्ञान प्रबंधन पर नौकरशाही का कब्जा है।
- अनुसंधान तथा प्रौद्योगिकी में सामंजस्य का अभाव होता है।
- भारत में कुछ मूलभूत सुविधाओं की कमी।
- वैज्ञानिकों के लिए रोजगार के सीमित अवसरों की उपलब्धि।
- इस देश में प्रारंभिक अनुसंधान के लिए प्रचुर धन की आवश्यकता।
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