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यूरोप वे एशिया पर धर्मयुद्धों का क्या प्रभाव पड़ा? - History (इतिहास)

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प्रश्न

यूरोप वे एशिया पर धर्मयुद्धों का क्या प्रभाव पड़ा?

दीर्घउत्तर

उत्तर

पोप अर्बन द्वितीय (Urban II) और बाइजेंटाइन सम्राट एलेक्सियम प्रथम (Alexius I) ने 1095 से 1291 के मध्य पूर्वी भूमध्यसागर के तटवर्ती मैदानों में मुस्लिम शहरों के विरुद्ध धर्म के नाम पर मुसलमानों के साथ कई लड़ाइयाँ लड़ीं जिन्हें धर्मयुद्ध या जेहाद कहा गया।

  • इन धर्मयुद्धों का विवरण निम्नलिखित है
  1. प्रथम धर्मयुद्ध (1098-1099)-फ्रांस और इटली के सैनिकों ने सीरिया में एंटीओफ और जेरूसलम पर
    कब्ज़ा कर लिया। इस युद्ध के दौरान मुसलमानों और यहूदियों की निर्मम हत्याएँ की गई। मुस्लिम लेखकों ने ईसाइयों को फिरंगी अथवा इफ्रिजी कह कर संबोधित किया। इन्होंने सीरिया-फिलिस्तीन के क्षेत्र में चार राज्य स्थापित किए, जिन्हें सामूहिक रूप से ‘आउटरैमर’ अर्थात समुद्रपारीय भूमि कहा जाता है। यह याद रखने योग्य है कि बाद के धर्मयुद्ध इसी प्रदेश की रक्षा और विस्तार के लिए लड़े गए थे।

  2. द्वितीय धर्मयुद्ध (1145-49)-इस युद्ध के दौरान जर्मन और फ्रांसीसी सेना ने दमिश्क पर कब्ज़ा करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें हारकर घर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। परिणामतः आउटरैमर की शक्ति कम होती चली गई और धर्मयुद्ध का जोश अब खत्म हो गया। लेकिन अंत में ईसाई तीर्थयात्रियों के लिए जेरूसलम में स्वतंत्र रूप से प्रवेश करने का अधिकार मिल गया।

  3. तीसरा धर्मयुद्ध (सन् 1291 में) – ईसाइयों को फिलिस्तीन से बाहर भगा दिया गया और उनके विरुद्ध मुस्लिम राज्यों का रुख सख्त और मुस्लिम सत्ता की पुनः बहाली हो गई।

    धीरे-धीरे यूरोप की इस्लाम में सैनिक दिलचस्पी समाप्त हो गई। अब उसका ध्यान अपने आंतरिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक विकास की ओर केंद्रित हो गया।
  • यूरोप वे एशिया पर धर्मयुद्धों का प्रभाव – यूरोप व एशिया महाद्वीपों के जनजीवन पर धर्मयुद्धों का अत्यधिक व्यापक वे गहरा प्रभाव पड़ा।
  1. सही प्रभाव – धर्मयुद्धों के विनाशकारी व भयंकर होने के बावजूद कुछ सही प्रभाव जनजीवन पर पड़े; जैसे-
    a. युद्धों के फलस्वरूप यूरोपीय सभ्यता और संस्कृति का विकास हुआ। अरबों के साथ मिलने से ज्ञान का व्यापक विस्तार हुआ।
    b. पश्चिम और पूर्व में आपसी व्यापारों में बढ़ोतरी व नए-नए पदार्थों का ज्ञान हुआ। यूरोपवासियों ने रेशम, कपास, चीनी, सीसे के बर्तनों, गरम मसालों व दवाओं आदि से परिचय प्राप्त किया।
    c. यूरोपीय व एशियाई लोगों में धैर्य व उत्साह की वृद्धि हुई।
    d. अनेक नवीन भौगोलिक खोजें हुई।
  2. गलत प्रभाव – धर्मयुद्धों के कारण यूरोप व एशिया महाद्वीपों पर कुछ गलत प्रभाव भी पड़े; जैसे -
    a. व्यापक स्तर पर जन व धन की हानि हुई।
    b. ईसाइयों की कमजोरी सिद्ध हुई और पोप के सम्मान में भी भारी क्षति आई।
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धर्मयुद्ध
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अध्याय 4: इस्लाम का उदय और विस्तार-लगभग 570 – 1200 ई. - अभ्यास [पृष्ठ १०३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी History [Hindi] Class 11
अध्याय 4 इस्लाम का उदय और विस्तार-लगभग 570 – 1200 ई.
अभ्यास | Q 4. | पृष्ठ १०३
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