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सूचना के अनुसार शब्द में परिवर्तन कीजिए:
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
साँझ हो चली थी, डिब्बे को बत्तियाँ जलने लगी थीं, लोगों ने अपने-अपने होल्डॉल बिछाने शुरू कर दिए। मैंने भी थककर चूर हो जाने के कारण सिरदर्द की एक गोली खाई और लेटना चाहा। सहयात्री ने देखा तो पूछा- “क्या आपको सिरदर्द हो रहा है?'' मैंने कहा - “जी हाँ।” बोले - “आप ऐसी-वबैसी गोलियाँ क्यों खाते हैं, इससे रिएक्शन हो सकता है। फिर पूछा - “कल क्या खाया था। रास्ते में कहीं पूरी-कचौड़ी तो नहीं खा ली? अरे! ये रेलवे ठेकेदार कल की बासी पूरी-कचौड़ी को उबलती कड़ाही में डालकर ताजा के नाम पर बेचते हैं। कहेंगे हाथ लगाकर देख लो, गरम है कि नहीं। उन्हें तो अपनी जेब गरम करनी है।” “मैं तो घर से पराँठे लेकर चलता हूँ। रास्ते में कोई और पराँठेवाला मिल जाता है तो दो और दो-चार मिलाकर खाने में मजा आ जाता है।'” फिर पूछा - “आपको सिरदर्द कितने समय से है? क्या यह पैतृक बीमारी है या केवल आपको ही है?'' मैंने कहा - ''मेरे परिवार में सभी के सिर हैं, अतएव सबको सिरदर्द होना स्वाभाविक है।'' |
(1) उत्तर लिखिए: (2)
(i)
(ii)
(2) (i) गदयांश में आए अंग्रेजी शब्द ढूँढ़ुकर लिखिए: (1)
- ____________
- ____________
(ii) निम्नलिखित शब्द के दो पर्यायवाची शब्द लिखिए: (1)
रास्ता = (1) ______; (2) ______
(3) “रेल यात्रा पर जाने से पहले आरक्षण की आवश्यकता है” इस संदर्भ में 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
सोंधी-सोंधी-सी सुगंध, माटी से बोली, चारों ओर हुई हरियाली कहे मयूरा, बाग-बगीचे, ताल-तलैया सब मुस्काएँ, |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए: (2)
(2) पदयांश को अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
धीरे-धीरे गाँववाले को खोए हुए आदमी के कई गुर्णो के बारे में पता 'वलने लगा। वह पशु-पश्षियों से बातें करता प्रतीतहोता। लगता था जैसे वह पशु-पक्षियों की भाषा जानता हो। यह आँधी, तूफान, चक्रवात आने, ओले पड़ने या टिड्डियों केहमले के बारे में गाँववालों को पहले ही आगाह कर देता । उसकी भविष्यवाणी के कारण गाँववाले मुसीबतों से बच जाते। जब'एक बार गाँव में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई तो खोए हुए आदमी ने आकाश की ओर देखकर न जाने किस भाषा में किसदेवता से प्रार्थना की । कुछ ही समय बाद गाँव में मूसलाधार बारिश होने लगी। सूखी-प्यासी मिट्टी तृप्त हो गई। बच्चे-बड़े सभी इस झमाझम बारिश में भीगने का भरपूर आनंद लेने लगे। उस दिन से खोया हुआ आदमी गाँव में सबका चहेता हो गया। |
(1) आकृति पूर्ण कीजिए: (2)
खोए हुए आदमी के गुण | |
(i) ______ | (ii) ______ |
(2) (i) गद्यांश में आए शब्द-युग्म दूँढकर लिखिए: (1)
- ______
- ______
(ii) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए पर्यायवाची शब्द लिखिए: (1)
- वर्षा - ______
- देहात - ______
(3) 'वाणी की मधुरता' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए: (2)
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
'कस्तूरी कुंडल बसै, मृग ढूँढ़ै बन माहिं। ऐसे घट में पीव है, दुनिया जानै नाहिं॥ 'जिन ढूँढ़ा तिन पाइयाँ, गहिरे पानी पैठ। जो बौरा डूबन डरा, रहा किनारे बैठ॥ जो तोको काँटा बुवै, ताहि बोइ तू फूल। तोहि फूल को फूल है, बाको है तिरसूल ॥ |
(1) कृति पूर्ण कीजिए: (2)
(i) लिखिए | फूल बोने का परिणाम | ______ |
कौंटे बोने का परिणाम | ______ | |
(ii) लिखिए | किनारे पर यह बैठा रहता है | ______ |
वन में कस्तूरी यह ढूँढ़ता है | ______ |
(2) पहली दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
दुर्बल को न सताइए, जाकी मोटी हाय। बिना जीव की स्वाँस से, लोह भसम हवै जाय।। गुरु कुम्हार सिष कुंभ है, गढ़-गढ़ काढ़े खोट। अंतर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट।। जाको राखै साइयाँ, मारि न सकके कोय। 'बाल न बाँका करि सकै, जो जग बैरी होय।। |
(1) उचित जोड़ियाँ मिलाइए: (2)
अ | आ |
खोट निकालना | हाय |
दुर्बल को सताना | साँस |
लोहा भस्म होना | गुरु |
बाल भी बाँका न होना | जग |
(2) सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए: (1)
उपसर्गयुक्त शब्द | प्रत्यय युक्त शब्द | |
________ | ← बल → | _________ |
(3) 'जीवन में गुरु का महत्त्व' पर अपने विचार लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं अनुसार कृतियाँ कीजिए-
धीरे-धीरे गाँववालों को खोए हुए आदमी के कई गुर्णों के बारे में पता चलने लगा। वह पशु- पक्षियों से बातें करता प्रतीत होता। लगता था जैसे वह पशु-पक्षियों की भाषा जानता हो। वह आँधी, तूफान, चक्रवात आने, ओले पड़ने या टिड्डियों के हमले के बारे में गाँववालों को पहले ही आगाह कर देता। उसकी भविष्यवाणी के कारण गाँव वाले मुसीबतों से बच जाते। जब एक बार गाँव में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई तो खोए हुए आदमी ने आकाश की ओर देखकर न जाने किस भाषा में देवता से प्रार्थना की। कुछ ही समय बाद गाँव में मूसलाधार बारिश होने लगी। सूखी - प्यासी मिट्टी तृप्त हो गई। बच्चे-बड़े सभी इस झमाझम बारिश में भीगने का भरपूर आनन्द लेने लगे। उस दिन से खोया हुआ आदमी गाँव में सबका चहेता हों गया। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए- (2)
(2) (i) गद्यांश में प्रयुक्त शब्द युग्म की जोड़ी लिखिए- (1)
- ______
- ______
(ii) गद्यांश में प्रयुक्त विलोम शब्द की जोड़ी ढूँढ़कर लिखिए- `square xx square` (1)
(3) बारिश में भीगने का अनुभव 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
लाली मेरे लाल की, जित देखों तित लाल। 'कस्तूरी कुंडल बसै, मृग ढूँढ़ै वन माहिं। 'जिन ढूँढ़ा तिन पाइयाँ, गहिरे पानी पैठ। जो तोको काँटा बुवै, ताहि बोउ तू फूल। |
(1) उचित जोड़ियाँ मिलाइए- (2)
अ | आ |
कस्तूरी | परमात्मा |
काँटा | फूल |
लाल | मृग |
बौरा | पानी |
किनारा |
(2) अन्तिम दो पक्तियों के लिए 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
अगर ट्रेन में रेलवे कर्मचारी का साथ हो जाए तो सारे रास्ते गाड़ियों के शंटिग करने को आवाज सुनाई देगी। कोई कहेगा, ''एट अप से आ रहा हूँ, सेवन डाऊन से लौटना है। अगर स्टेशन मास्टर ने सिग्नल नहीं दिया और गाड़ी आऊटर पर आकर खड़ी हो गई तो रात वापस घर लौटना मुश्किल है। आजकल तो, ' मेल को रोककर माल ' को पास करना पड़ता है। कारण मालगाड़ी में भरे माल के बिगड़ने का डर रहता है, जबकि मेल में बैठा आदमी बिगड़ता नहीं। अरे ! नाराज भी तो नहीं होता। क्या खाकर नाराज होगा। |
(1) आकृति पूर्ण कीजिए- (2)
(2) (i) गद्यांश में प्रयुक्त दो अंग्रेजी के शब्द लिखें। (1)
(क) ____________
(ख) ____________
(ii) गद्यांश में प्रयुक्त विलोम शब्द लिखें। (1)
______ × ______
(3) भारतीय रेलवे की विशेषताएँ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
मुझे आज भी वह संध्या नहीं भूलती जब भारत के प्रथम राष्ट्रपति को मैंने सामान्य आसन पर बैठकर दिन भर के उपवास के उपयंत्त केवल कुछ उबले आलू खाकर पारायण करते देखा। मुझे भी वही खाते देखकर उनकी दृष्टि में संतोष और ओठों पर बालकों जैसी सरल हँसी छलक उठी। जीवन मूल्यों की परख करने वाली दृष्टि के कारण उन्हें देशरत्न की उपाधि मिली और मन की सरल स्वच्छता ने उन्हें अजातशत्रु बना दिया। अनेक बार प्रश्न उठता है, “क्या वह साँचा टूट गया जिसमें ऐसे कठिन कोमल चरित्र ढलते थे ?” |
(1) कृति पूर्ण कोजिए- (2)
(2) (i) समानार्थी शब्द परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए। (1)
वह संध्या नहीं भूलती।
(ii) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए विलोम शब्द ढूँढ़कर लिखिए: (1)
- मरण × ______
- प्रातः × ______
(3) प्रथम राष्ट्रपति की चरित्रगत विशेषताएँ क्या थीं? 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
चारों ओर हुई हरियाली कहे मयूरा, सदियों का जो सपना है हो जाए पूरा। एक यहाँ पर नहीं अकेला, होगी टोली, सोंधी-सोंधी सी सुगंध, माटी से बोली।। बाग-बगीचे, ताल-तलैया, सब मुस्काएँ, झूम-झूमकर मस्ती में तरु गीत सुनाएँ। |
(1) उचित जोड़ियाँ मिलाइए- (अपने पद के अनुसार) (2)
अ | उत्तर | आ |
अकेला | ______ | मुस्काएँ |
सोंधी-सोंधी | ______ | टोली |
बाग-बगीचे | ______ | गीत |
झूम-झूमकर | ______ | माटी |
(2) पहली दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियां कीजिए-
देखकर जो विघ्न-बाधाओं को घबराते नहीं, रह भरोसे भाग्य के दुख भोग पछताते नहीं, काम कितना ही कठिन हो किन्तु उकताते नहीं, भीड़ में चंचल बनें जो वीर दिखलाते नहीं, मानते जी की हैं, सुनते हैं सदा सबकी कही, जो मदद करते हैं अपनी इस जगत में आप ही |
(1) कृतियाँ पूर्ण कीजिए - (2)
कर्मवीर की विशेषताएँ |
1. ____________ |
2. ____________ |
3. ____________ |
4. ____________ |
(2) अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
आज शाम, वह बचपन के अपने कमरे में घुसा। लाईट ऑन की और कोने में रखे बक्से की ओर बढ़ गया। उसके बचपन का साथी उसका प्यार, लकड़ी का बड़ा-सा बकसा। वह जब भी यहाँ आता है, एक बार इस बक्से को खोलकर जरूर देखता है। सहज उसने इसे खोला।'छठी - सातवीं - आठवीं कक्षा के कोर्स की कुछ पुरानी किताबें, ज्योमेट्री बॉक्स, कीलवाले तलवों के फुटबॉल शूज, एन. सी.सी. की एक्स्ट्रा ड्रेस, पुराना फोटो एलबम और भी जाने क्या-क्या। बार-बार देखने पर भी इन चीजों को देखने आने की इच्छा मरती नहीं है। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए- (2)
(2) (i) गद्यांश में शब्द युग्म की जोड़ी लिखिए- ______ (1)
(ii) गद्यांश में प्रयुक्त दो समानार्थी शब्द लिखिए- (1)
______ × ______
(3) बचपन के कुछ अनुभव के बारे में 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
पहले बड़ी फिर छोटी, फिर उनसे छोटी के क्रम से बालिकाएँ मेरे संरक्षण में आ गईं। उन्हें देखने प्रायः उनकी दादी और कभी-कभी दादा भी प्रयाग आते रहे। तभी राजेंद्र बाबू की सहधर्मिणी के निकट संपर्क में आने का अवसर मिला। वे सच्चे अर्थ में धरती की पुत्री थीं। वे साध्वी, सरल, क्षमामयी, सबके प्रति ममतालु और असंख्य संबंधों की सूत्रधारिणी थीं। ससुराल में उन्होंने बालिकावधू के रूप में पदार्पण किया था। संभ्रांत जमींदार परिवार की परंपरा के अनुसार उन्हें घंटों सिर नीचा करके एकासन बैठना पड़ता था, परिणामतः उनकी रीढ़ की हड्डी इस प्रकार झुक गई कि युवती होकर भी वे सीधी खड़ी नहीं हो पाती थीं। बालिकाओं के संबंध में राजेंद्र बाबू का स्पष्ट निर्देश था कि वे सामान्य बालिकाओं के समान बहुत सादगी और संयम से रहें। वे खादी के कपड़े पहनती थीं, जिन्हें वे स्वयं ही धो लेती थीं। उनके साबुन-तेल आदि का व्यय भी सीमित था। कमरे की सफाई, झाड़-पोंछ, गुरुजनों की सेवा आदि भी उनके अध्ययन के आवश्यक अंग थे। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए : [2]
(2) (i) निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए: [1]
- बालक -
- धरती -
(ii) कृति पूर्ण कीजिए: [1]
(3) "सदा जीवन उच्च विचार" विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
जाको राखै साइयाँ, मारि न सक्कै कोय। नैनों अंतर आव तूँ, नैन झाँपि तोहिं लेवँ। लाली मेरे लाल की, जित देखों तित लाल। |
(1) कारण लिखिए: [2]
कवी प्रभु को आँखों में बंद करना चाहते हैं। |
↓ |
|
(2) अंतिम दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
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कृति पूर्ण कीजिए:
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कृति पूर्ण कीजिए:
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गीत में प्रयुक्त क्रियारूप लिखिए:
- बाग-बगीचे, ताल-तलैया ______
- झूम-झूमकर मस्ती में तरु गीत ______
- मधुमास आस-विश्वास ______
- धरती ने ______
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प्रस्तुत गीत की प्रथम चार पंक्तियों का भावार्थ लिखिए।
सोंधी-सोंधी-सी सुगंध, माटी से बोली, बादल बरस गया, धरती ने आँखें खोलीं। चारों ओर हुई हरियाली कहे मयूरा, सदियों का जो सपना है हो जाए पूरा। |
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‘प्रतिभा जन्मजात होती है परंतु उसके पल्लवन हेतु उचित वातावरण की आवश्यकता होती है’ विषय पर भाषण का नमूना तैयार कीजिए।
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