CBSE Class 11 [कक्षा ११] Political Science (राजनीति विज्ञान) Syllabus - Free PDF Download
CBSE Syllabus 2025-26 Class 11 [कक्षा ११]: The CBSE Class 11 [कक्षा ११] Political Science (राजनीति विज्ञान) Syllabus for the examination year 2025-26 has been released by the Central Board of Secondary Education, CBSE. The board will hold the final examination at the end of the year following the annual assessment scheme, which has led to the release of the syllabus. The 2025-26 CBSE Class 11 [कक्षा ११] Political Science (राजनीति विज्ञान) Board Exam will entirely be based on the most recent syllabus. Therefore, students must thoroughly understand the new CBSE syllabus to prepare for their annual exam properly.
The detailed CBSE Class 11 [कक्षा ११] Political Science (राजनीति विज्ञान) Syllabus for 2025-26 is below.
CBSE Class 11 [कक्षा ११] Political Science (राजनीति विज्ञान) Revised Syllabus
CBSE Class 11 [कक्षा ११] Political Science (राजनीति विज्ञान) and their Unit wise marks distribution
CBSE Class 11 [कक्षा ११] Political Science (राजनीति विज्ञान) Course Structure 2025-26 With Marking Scheme
# | Unit/Topic | Weightage |
---|---|---|
I | भारत का संविधान सिद्धांत और व्यवहार | |
1 | संविधान - क्यों और कैसे? | |
2 | भारतीय संविधान में अधिकार | |
3 | चुनाव और प्रतिनिधित्व | |
4 | कार्यपालिका | |
5 | विधायिका | |
6 | न्यायपालिका | |
7 | संघवाद | |
8 | स्थानीय शासन | |
9 | संविधान - एक जिवंत दस्तावेज़ | |
10 | संविधान का राजनीतिक दर्शन | |
II | राजनीतिक सिद्धांत | |
1 | राजनीतिक सिद्धांत : एक परिचय | |
2 | स्वतंत्रता | |
3 | समानता | |
4 | सामाजिक न्याय | |
5 | अधिकार | |
6 | नागरिकता | |
7 | राष्ट्रवाद | |
8 | धर्मनिरपेक्षता | |
9 | शांति | |
10 | विकास | |
Total | - |
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Syllabus
CBSE Class 11 [कक्षा ११] Political Science (राजनीति विज्ञान) Syllabus for Chapter 1: भारत का संविधान सिद्धांत और व्यवहार
- हमें संविधान की क्या आवश्यकता है?
- संविधान तालमेल बढ़ाता है और भरोसा दिलाता है
- निर्णय - निर्माण शक्ति की विशिष्टताएँ
- सरकार की शक्तियों पर सीमाएँ
- समाज की आकांक्षाएँ और लक्ष्य
- राष्ट्र की बुनियादी पहचान
- संविधान की सत्ता
- संविधान को प्रचलन में लाने का तरीका
- संविधान के मौलिक प्रावधान
- संस्थाओं की संतुलित रुपरेखा
- भारतीय संविधान कैसे बना ?
- संविधान सभा का स्वरूप
- संविधान सभा के कामकाज की शैली
- कार्यविधि
- राष्ट्रीय आंदोलन की विरासत
- संस्थागत व्यवस्थाएँ
- अधिकारों का महत्व
- अधिकारों का घोषणापत्र
- भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार
- समता का अधिकार
- स्वतंत्रता का अधिकार
- जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार
- निवारक नजरबंदी
- अन्य स्वतंत्रताएँ
- आरोपी या अभियुक्त के अधिकार
- शोषण के विरुद्ध अधिकार
- धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार
- आस्था और प्रार्थना की स्वतंत्रता
- सभी धर्मों की समानता
- सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार
- संवैधानिक उपचारों का अधिकार
- बंदी प्रत्यक्षीकरण
- परमादेश
- निषेध आदेश
- अधिकार पृच्छा
- उत्प्रेषण रिट
- राज्य के नीति-निर्देशक तत्व
- नीति-निर्देशक तत्व
- नागरिकों के मौलिक कर्त्तव्य
- नीति-निर्देशक तत्वों और मौलिक अधिकारों में संबंध
- चुनाव और लोकतंत्र
- भारत में चुनाव व्यवस्था
- 'सर्वाधिक वोट से जीत की' प्रणाली
- समानुपातिक प्रतिनिधित्व
- भारत में 'सर्वाधिक वोट से जीत की' प्रणाली क्यों स्वीकार की गई ?
- निर्वाचन क्षेत्रों का आरक्षण
- स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव
- सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार और चुनाव लड़ने का अधिकार
- स्वतंत्र निर्वाचन आयोग
- चुनाव सुधार
- कार्यपालिका क्या है ?
- कार्यपालिका कितने प्रकार की होती है ?
- संसदीय
- अर्ध-अध्यक्षात्मक
- अध्यक्षात्मक
- भारत में संसदीय कार्यपालिका
- राष्ट्रपति की शक्ति और स्थिति
- राष्ट्रपति के विशेषाधिकार
- प्रधानमंत्री की नियुक्ति में राष्ट्रपति की भूमिका
- भारत का उपराष्ट्रपति
- प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद
- मंत्रिपरिषद का आकार
- स्थायी कार्यपालिका - नौकरशाही
- हमे संसद क्यों चाहिए ?
- संसद में दो सदनों की क्या आवश्यकता है ?
- राज्य सभा
- लोक सभा
- संसद क्या करती है ?
- विधायी कामकाज
- कार्यपालिका पर नियंत्रण तथा उसका उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना
- वित्तीय कार्य
- प्रतिनिधित्व
- बहस का मंच
- संवैधानिक कार्य
- निर्वाचन संबंधी कार्य
- न्यायिक कार्य
- राज्य सभा और लोक सभा की शक्तियाँ
- राज्य सभा और लोक सभा की विशेष शक्तियाँ
- संसद कानून कैसे बनाती है ?
- संसद कार्यपालिका को कैसे नियंत्रित करती है ?
- बहस और वाद-विवाद
- प्रश्न काल
- शून्य काल
- आधे घंटे की चर्चा और स्थगन - प्रस्ताव
- कानूनों की स्वीकृति या अस्वीकृति
- वित्तीय नियंत्रण
- अविश्वास प्रस्ताव
- संसदीय समितियाँ क्या करती हैं ?
- संसद स्वयं को कैसे नियंत्रित करती है ?
- हमें स्वतंत्र न्यायपालिका क्यों चाहिए ?
- न्यायपालिका की स्वतंत्रता
- न्यायाधीशों की नियुक्ति
- न्यायाधीशों को पद से हटाना
- न्यायधीश को हटाने का असफल प्रयास
- न्यायपालिका की संरचना
- सर्वोच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार
- मौलिक क्षेत्राधिकार
- 'रिट' संबंधी क्षेत्राधिकार
- अपीली क्षेत्राधिकार
- सलाह संबंधी क्षेत्राधिकार
- न्यायिक सक्रियता
- कुछ प्रारंभिक जनहित याचिकाएँ
- न्यायपालिका और अधिकार
- न्यायपालिका और संसद
- संघवाद क्या है ?
- भारतीय संविधान में संघवाद
- शक्ति-विभाजन
- सशक्त केंद्रीय सरकार और संघवाद
- भारतीय संघीय व्यवस्था में तनाव
- केंद्र - राज्य संबंध
- स्वायत्तता की माँग
- राज्यपाल की भूमिका तथा राष्ट्रपति शासन
- नवीन राज्यों की माँग
- अंतर्राज्यीय विवाद
- विशिष्ट प्रावधान
- जम्मू और कश्मीर
- स्थानीय सरकार क्यों ?
- भारत में स्थानीय शासन का विकास
- स्वतंत्र भारत में स्थानीय शासन
- संविधान का 73 वाँ और 74 वाँ संशोधन
- 73 वाँ संशोधन
- त्रि-स्तरीय बनावट
- चुनाव
- आरक्षण
- विषयों का स्थानांतरण
- राज्य चुनाव आयुक्त
- राज्य वित्त आयोग
-
74 वाँ संशोधन
- 73 वें और 74 वें संशोधन का क्रियान्वयन
- क्या संविधान अपरिवर्तनीय होते हैं ?
- संविधान में संशोधन कैसे किया जाता है ?
- विशेष बहुमत
- राज्यों द्वारा अनुमोदन
- संविधान में इतने संशोधन क्यों किए गए हैं ?
- संशोधनों की विषय-वस्तु
- व्याख्याएँ - विभिन्न दृष्टिकोण
- राजनीतिक आम सहमति के माध्यम से संशोधन
- विवादास्पद संशोधन
- संविधान की मूल संरचना तथा उसका विकास
- संविधान एक जीवंत दस्तावेज़
- न्यायपालिका का योगदान
- राजनीतिज्ञों की परिपक्वता
- संविधान के दर्शन का क्या आशय है ?
- संविधान-लोकतांत्रिक बदलाव का साधन
- संविधान सभा की और मुड़कर क्यों देखें ?
- हमारे संविधान का राजनीतिक दर्शन क्या है ?
- व्यक्ति की स्वतंत्रता
- सामाजिक न्याय
- विविधता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों का सम्मान
- धर्मनिरपेक्षता
- सार्वभौम मताधिकार
- संघवाद
- राष्ट्रीय पहचान
- भारतीय संविधान की प्रक्रियागत उपलब्धि
- भारतीय संविधान की आलोचना
- यह आरोप कितना सच है ?
- भारतीय संविधान की सीमाएँ
CBSE Class 11 [कक्षा ११] Political Science (राजनीति विज्ञान) Syllabus for Chapter 2: राजनीतिक सिद्धांत
- राजनीति क्या है ?
- राजनीतिक सिद्धांत में हम क्या पढ़ते हैं ?
- राजनीतिक सिद्धांतों को व्यवहार में उतारना
- हमें राजनीतिक सिद्धांत क्यों पढ़ना चाहिए ?
- स्वतंत्रता का आदर्श
- स्वतंत्रता क्या है ?
- प्रतिबंधों के स्त्रोत
- हमें प्रतिबंधों की आवश्यकता क्यों है ?
- हानि सिद्धांत
- सकारात्मक एवं नकारात्मक स्वतंत्रता
- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
- समानता महत्वपूर्ण क्यों है ?
- समानता क्या है ?
- अवसरों की समानता
- प्राकृतिक और सामाजिक असमानताएँ
- समानता के तीन आयाम
- राजनीतिक समानता
- सामाजिक समानता
- आर्थिक समानता
- हम समानता को बढ़ावा कैसे दे सकते हैं ?
- औपचारिक समानता की स्थापना
- विभेदक बरताव द्वारा समानता
- सकारात्मक कार्यवाई
- न्याय क्या है ?
- समान लोगों के प्रति समान बरताव
- समानुपातिक न्याय
- विशेष ज़रूरतों का विशेष ख्याल
- न्यायपूर्ण बंटवारा
- रोल्स का न्याय सिद्धांत
- सामाजिक न्याय का अनुसरण
- मुक्त बाज़ार बनाम राज्य का हस्तक्षेप
- अधिकार क्या हैं ?
- अधिकार कहाँ से आते हैं ?
- कानूनी अधिकार और राज्यसत्ता
- अधिकारों के प्रकार
- अधिकर और जिम्मेदारियाँ
- नागरिकों की भूमिका
- संपूर्ण और समान सदस्यता
- समान अधिकार
- नागरिक और राष्ट्र
- सार्वभौमिक नागरिकता
- विश्व नागरिकता
- राष्ट्रवाद का परिचय
- राष्ट्र और राष्ट्रवाद
- साझे विश्वास
- इतिहास
- भूक्षेत्र
- साझे राजनीतिक आदर्श
- साझी राजनीतिक पहचान
- राष्ट्रीय आत्म-निर्णय
- राष्ट्रवाद और बहुलवाद
- धर्मनिरपेक्षता क्या है ?
- धर्मों के बीच वर्चस्ववाद
- धर्म के अंदर वर्चस्व
- धर्मनिरपेक्ष राज्य
- धर्मनिरपेक्षता का यूरोपीय मॉडल
- धर्मनिरपेक्षता का भारतीय मॉडल
- भारतीय धर्मनिरपेक्षता की आलोचनाएँ
- धर्म-विरोधी
- पश्चिम से आयातित
- अल्पसंख्यकवाद
- अतिशय हस्तक्षेपकारी
- वोट-बैंक की राजनीति
- एक असंभव परियोजना
- शांति की भूमिका
- शांति का अर्थ
- संरचनात्मक हिंसा के विभिन्न रूप
- हिंसा की समाप्ति
- क्या हिंसा कभी शांति को प्रोत्साहित कर सकती है ?
- शांति और राज्यसत्ता
- शांति कायम करने के विभिन्न तरीके
- शांति के लिए समकालीन चुनौतियां
- निष्कर्ष
- विकास की भूमिका
- विकास की चुनौतियाँ
- विकास के मॉडल की आलोचनाएँ
- विकास की वह कीमत जो समाज को चुकानी पड़ी
- विकास की वह कीमत जो पर्यावरण को चुकानी पड़ी
- विकास का मूल्यांकन
- विकास की वैकल्पिक अवधारणा
- अधिकारों के दावे
- लोकतांत्रिक सहभागिता
- विकास और जीवन शैली
- निष्कर्ष