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0.1 M HCI में हाइड्रोजन सल्फाइड से संतृप्त विलयन की सांद्रता 1.0 × 10-19 M है। यदि इस विलयन का 10 mL निम्नलिखित 0.04 M विलयन के 5 mL में डाला जाए तो किन विलयनों से अवक्षेप प्राप्त होगा? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

0.1 M HCI में हाइड्रोजन सल्फाइड से संतृप्त विलयन की सांद्रता 1.0 × 10-19 M है। यदि इस विलयन का 10 mL निम्नलिखित 0.04 M विलयन के 5 mL में डाला जाए तो किन विलयनों से अवक्षेप प्राप्त होगा? FeSO4, MnCl2, ZnCl2 एवं CdCl2

संख्यात्मक

उत्तर

अवक्षेपण उस विलयन में होता है जिसमें विलेयता गुणनफल आयनिक गुणनफल से कम होता है। चूँकि S2- आयन युक्त 10 mL विलयन को लवण के 5 mL विलयन में मिलाया जाता है, तब मिश्रित करने के पश्चात्

`["S"^2-] = 1.0 xx 10^-19 xx 10/15 = 6.67 xx 10^-20` M

तथा [Fe2+] = [Mn2+] = [Zn2+] = [Cd2+]

`= 0.04 xx 5/15 = 1.33 xx 10^-2` M

प्रत्येक के लिए आयनिक गुणनफल = [M2+][S2-]

= (1.33 × 10-2) × (6.67 × 10-20)

= 8.87 × 10-22

चूँकि आयनिक गुणनफल ZnS और CdS के विलेयता गुणनफल से अधिक है, अतः ZnCl2 तथा CdCl2 विलयन अवक्षेपित होंगे।

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अल्पविलेय लवणों की विलेयता साम्यावस्था
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 7: साम्यावस्था - अभ्यास [पृष्ठ २३४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11
पाठ 7 साम्यावस्था
अभ्यास | Q 7.73 | पृष्ठ २३४

संबंधित प्रश्‍न

473 K पर फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड PCl5 के विघटन के लिए Kc का मान 8.3 × 10-3 है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाए, तो
\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]; ∆rH = 124.0 kJ mol-1

यदि

  1. और अधिक PCl5 मिलाया जाए,
  2. दाब बढ़ाया जाए तथा
  3. ताप बढ़ाया जाए, तो Kc पर क्या प्रभाव होगा?

0.005 M कोडीन (C18H21NO3) विलयन की pH 9.95 है। इसका आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।


यदि पिरीडिनीयम हाइड्रोजन क्लोराइड के 0.02 M विलयन का pH 3.44 है तो पिरीडीन का आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।


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निम्नलिखित मिश्रण की pH परिकलित कीजिए-

0.2 M Ca(OH)2 का 10 mL + 0.1 M HCI का 25 mL


निम्नलिखित मिश्रण की pH परिकलित कीजिए-

0.01 M H2SO4 का 10 mL + 0.01 M Ca(OH)2 का 10 mL


सिल्वर क्रोमेट, बेरियम क्रोमेट, फेरिक हाइड्रॉक्साइड, लेड क्लोराइड तथा मर्क्युरस आयोडाइड विलयन के 298 K पर निम्नलिखित दिए गए विलेयता गुणनफल स्थिरांक की सहायता से विलेयता ज्ञात कीजिए तथा प्रत्येक आयन की मोलरता भी ज्ञात कीजिए।


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473 K पर फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड PCl5 के विघटन के लिए Kc का मान 8.3 × 10-3 है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाए, तो

\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]; ∆rH = 124.0 kJ mol-1

अभिक्रिया के लिए Kc का व्यंजक लिखिए।


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