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10°C ताप पर A के उत्पाद में विघटन के लिए k का मान 4.5 × 103 s−1 तथा सक्रियण ऊर्जा 60 kJ mol−1 है। किस ताप पर k का मान 1.5 × 104 s−1 होगा? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

10°C ताप पर A के उत्पाद में विघटन के लिए k का मान 4.5 × 103 s−1 तथा सक्रियण ऊर्जा 60 kJ mol1 है। किस ताप पर k का मान 1.5 × 104 s1 होगा?

संख्यात्मक

उत्तर

दिया गया: k1 = 4.5 × 103 s−1

T1 = 273 + 10 = 283 K

k2 = 1.5 × 104 s−1

Ea = 60 kJ mol−1 = 6.0 × 104 J mol−1

आर्रेनिअस समीकरण से, हम प्राप्त करते हैं

log  `"k"_2/"k"_1 = "E"_"a"/(2.303"R")(("T"_2-"T"_1)/("T"_1"T"_2))`

log `(1.5xx10^4)/(4.5xx10^3) = (60000)/(2.303xx8.314) (("T"_2-283) /(283"T"_2))`

या, log 3.333 = 3133.63`("T"_2 - 283)/(283"T"_2)`

या, `0.5228/3133.63 = ("T"_2 - 283)/(283 "T"_2)`

या, 0.0472T2 = T2 − 283

या, T2 = `283/0.9528`

= 297 K

= 297 − 273 

= 24°C

अतः 24°C पर k का मान 1.5 × 104 s−1 होगा।

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अभिक्रिया वेग की ताप पर निर्भरता
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ १२३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
पाठ 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q 4.28 | पृष्ठ १२३

संबंधित प्रश्‍न

परमताप, 298 K में 10 K की वृद्धि होने पर रासायनिक अभिक्रिया का वेग दुगुना हो जाता है। इस अभिक्रिया के लिए Ea की गणना कीजिए।


उत्प्रेरक परिवर्तित करते हैं-


यौगिक 'A' और 'B' निम्नलिखित रासायनिक समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करते हैं।

\[\ce{A(g) + 2B(g) -> 2C(g)}\]

किसी एक अभिक्रियक की सांद्रता स्थिर रखते हुए 'A' अथवा 'B' की सांद्रता में परिवर्तन किया गया और वेग को प्रारंभिक संद्रता के कारक के रूप में मापा गया। निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। इस अभिक्रिया के वेग समीकरण के लिए सही विकल्प चुनिए।

प्रयोग [A] की प्रारंभिक
सांद्रता/mol L-1
[B] की प्रारंभिक
सांद्रता/mol L-1
[C] के बनने की
प्रारंभिक दर/mol L-1 s-1
1. 0.30 0.30 0.10
2. 0.30 0.60 0.40
3. 0.60 0.30 0.20

गलत कथनों को चिह्नित कीजिए।

  1. उत्प्रेरक अभिक्रिया को वैकल्पिक पथ उपलब्ध कराता है।
  2. उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को बढाता है।
  3. उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को कम करता है।
  4. उत्प्रेरक अभिक्रिया के एन्थैल्पी परिवर्तन को बदल देता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अरेनियस समीकरण के अनुसार है?

  1. ताप में वृद्धि के साथ अभिक्रिया का वेग बढता है।
  2. सक्रियण ऊर्जा में कमी के साथ अभिक्रिया का वेग बढ़ता है।
  3. ताप में वृद्धि के साथ वेग स्थिरांक में चरघतांकी कमी होती है।
  4. सक्रियण ऊर्जा में कमी से अभिक्रिया का वेग घटता है।

ऊजा के वितरण को दशाने वाले मैक्सवेल बोल्ट्जमान द्वारा दिए ग्राफ में ______।

  1. ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल स्थिर रहना चाहिए।
  2. ताप में वृद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ता है।
  3. ताप में वुद्ध के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल घटता है।
  4. ताप में वृद्ध के साथ वक्र चौड़ा हो जाता है तथा दाहिनी ओर विस्थापित हो जाता है।

अभिक्रिया में अणुओं के बहुत बड़े अंश की ऊर्जा देहली ऊर्जा से अधिक है फिर भी अभिक्रिया वेग बहुत कम है, ऐसा क्यों है?


ताप में वृद्ध से अभिक्रिया वेग क्यों बढ़ता है?


किसी अभिक्रिया के लिए केवल ऊष्मागतिक संभाव्यता अभिक्रिया के वेग को निर्धारित नहीं कर सकती। इसे एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।


अभिकथन - उत्प्रेरक की उपस्थिति में अभिक्रिया की एन्थैल्पी स्थिर रहती है।

तर्क - अभिक्रिया में भाग लेने वाला उत्प्रेरक भिन्न सक्रियण संकुल बनाता है तथा सक्रियण ऊर्जा को कम करता है परन्तु अभिक्रियकों एवं उत्पादों की ऊर्जा समान रहती है।


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