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प्रश्न
700 K ताप पर अभिक्रिया \[\ce{H2(g) +I2(g) ⇌ 2HI(g)}\] के लिए साम्य स्थिरांक 54.8 है। यदि हमने शुरू में HI(g) लिया हो, 700 K ताप साम्य स्थापित हो, तथा साम्य पर 0.5 mol L-1 HI(g) उपस्थित हो, तो साम्य पर H2(g) एवं I2(g) की सांद्रताएँ क्या होंगी?
संख्यात्मक
उत्तर
\[\ce{2HI(g) ⇌ H2(g) +I2(g)}\]
इस अभिक्रिया के लिए,
K = `1/54.8 = 1.82 xx 10^-2`
H2 तथा I2 के मोल बराबर हैं, अतः साम्य पर सांद्रण भी बराबर होगी।
माना [H2(g)] = [I2(g)] = x mol L-1
दिया है, [HI(g)] = 0.5 mol L-1
K = `(["H"_2("g")]["I"_2("g")])/["HI"("g")]^2`
या `1.82 xx 10^-2 = (x xx x)/(0.5)^2`
या x = [1.82 × 10-2 × (0.5)2]1/2
= 0.068 mol L-1
अतः साम्यावस्था पर, [H2(g)] = [I2(g)] = 0.068 mol L-1
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भौतिक प्रक्रमों में साम्यावस्था
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?