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आपके विचार से मंदिरों के आस-पास नगर क्यों विकसित हए? - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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प्रश्न

आपके विचार से मंदिरों के आस-पास नगर क्यों विकसित हए?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

मंदिरों के आस-पास नगरों के विकसित होने के कारण

  1. मंदिर के कर्ता-धर्ता मंदिर के धन को व्यापार एवं साहूकारी में लगाते थे।
  2. शनैः शनैः समय के साथ बड़ी संख्या में पुरोहित-पुजारी, कामगार, शिल्पी, व्यापारी आदि मंदिर तथा उसके | दर्शनार्थियों एवं तीर्थयात्रियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मंदिर के आस-पास बसते गए।
  3. मंदिर के दर्शनार्थी भी दान दक्षिण दिया करते थे तथा राजा द्वारा भी भूमि एवं धन अनुदान में दिए जाते थे, इससे मंदिर के पुजारियों की आजीविका चलती थी।
  4. तीर्थयात्रियों तथा पुरोहित पंडितों को मंदिर प्रशासन द्वारा भोजन कराया जाता था, जिससे मंदिर के पास साधु-संत और पुरोहित-पंडितों को आवास स्थान बन गया था।
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मंदिर नगर और तीर्थ केंद्र
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पाठ 6: नगर, व्यापारी और शिल्पीजन - फिर से याद करें [पृष्ठ ९०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Social Science (History) - Our Past 2 [Hindi] Class 7
पाठ 6 नगर, व्यापारी और शिल्पीजन
फिर से याद करें | Q 5. | पृष्ठ ९०
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