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प्रश्न
अब तक पढ़े हुए मुहावरों-कहावतों का वर्णक्रमानुसार संग्रह बनाओ और चर्चा करो।
अब तक पढ़े मुहावरे, कहावतों का वर्णाक्रमानुसार लघु शब्दकोश बनाओ।
सविस्तर उत्तर
उत्तर
- अपनी खिचड़ी अलग पकाना → अलग विचार रखना
- ऊँट के मुँह में जीरा → आवश्यकता से बहुत कम
- एक अनार, सौ बीमार → संसाधन कम, चाहने वाले अधिक
- कटे पर नमक छिड़कना → पहले से दुखी व्यक्ति को और दुख देना
- खाली बर्तन ज़्यादा बजते हैं → अज्ञानी व्यक्ति अधिक बोलता है
- गले का हार बनना → किसी के बहुत करीब होना
- चादर से बाहर पैर फैलाना → अपनी सीमाओं से अधिक खर्च करना
- जंगल में मोर नाचा, किसने देखा? → किसी अच्छे कार्य की सराहना न होना
- जल में रहकर मगर से बैर → शक्तिशाली व्यक्ति से शत्रुता रखना
- दूध का जला छाछ भी फूंककर पीता है → बुरी घटना के बाद व्यक्ति अधिक सतर्क हो जाता है।
- नाव में बैठकर छेद करना → अपने ही नुकसान का कारण बनना
- मुँह में राम, बगल में छुरी → ऊपर से मीठा बोलना और भीतर से धोखा देना
- राई का पहाड़ बनाना → छोटी बात को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करना
- लकीर का फ़कीर बनना → पुराने विचारों पर अडिग रहना
- हाथ कंगन को आरसी क्या → प्रत्यक्ष प्रमाण की आवश्यकता नहीं
मुहावरे और कहावतें हमारी अभिव्यक्ति को अधिक रोचक और प्रभावी बनाते हैं। ये जीवन के अनुभवों और समाज की सच्चाइयों को दर्शाते हैं। कई कहावतें जीवन की अच्छी सीख और नैतिकता को दर्शाती हैं।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?