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प्रश्न
अब्बा ने क्या सोचकर कहानी की बात मान ली?
उत्तर
उन्होंने सोचा कि बच्चों की बात कभी-कभी मान लेनी चाहिए। उन्हें जिज्ञासा भी थी कि देखें बच्चे कैसे क्या करते।
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'भारी' की तरह हल्का का भी अलग-अलग अर्थों में इस्तेमाल करो।