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अभिकथन - क्लोरोएथेन की अपेक्षा क्लोरोबेन्जीन की क्लोरीन को −OH द्वारा प्रतिस्थापित करना कठिन है। तर्क - अनुनाद के कारण क्लोरोबेन्जीन के C−Cl आबंध में आंशिक द्विआबंध गुण आ जाता है। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

अभिकथन - क्लोरोएथेन की अपेक्षा क्लोरोबेन्जीन की क्लोरीन को −OH द्वारा प्रतिस्थापित करना कठिन है।

तर्क - अनुनाद के कारण क्लोरोबेन्जीन के C−Cl आबंध में आंशिक द्विआबंध गुण आ जाता है।

पर्याय

  • अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।

  • अभिकथन और तर्क दोनों ही गलत कथन हैं।

  • अभिकथन सही है परंतु तर्क गलत कथन है।

  • अभिकथन गलत है परंतु तर्क सही कथन है।

  • अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परंतु तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण नहीं है।

MCQ

उत्तर

अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।

स्पष्टीकरण:

अभिकथन ‘क्लोरोबेन्जीन में क्लोरीन को −OH द्वारा प्रतिस्थापित करना कठिन है’ यह एक सही कथन है और तर्क के लिए दिया गया कथन अर्थात ‘क्लोरोबेन्जीन में क्लोरीन कार्बन (C−Cl) आबंध में अनुनाद के कारण आंशिक द्विआबंध गुण आ जाता है’ यह भी सही कथन है।

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रासायनिक अभिक्रियाएँ
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पाठ 10: हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन - अभ्यास [पृष्ठ १५८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
पाठ 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन
अभ्यास | Q V. 92. | पृष्ठ १५८

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