मराठी

अधिशोषक के सक्रियण से आप क्या समझते हैं? यह कैसे प्राप्त किया जाता है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

अधिशोषक के सक्रियण से आप क्या समझते हैं? यह कैसे प्राप्त किया जाता है?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

अधिशोषक के सक्रियण से तात्पर्य अधिशोषक की अधिशोषण क्षमता को बढ़ाना है। इसे अधिशोषक के पृष्ठीय क्षेत्रफल को बढ़ाकर किया जा सकता है। अधिशोषक के पृष्ठीय क्षेत्रफल को निम्नलिखित विधियों द्वारा बढ़ाया जा सकता है –

  1. अधिशोषित गैसों को हटाकर अर्थात् चारकोल को 650 K से 1330 K के मध्य ताप पर निर्वात् अथवा अतितप्त भाप में गर्म करके सक्रिय किया जा सकता है।
  2. अधिशोषक को बारीक पीसकर अर्थात् सूक्ष्म विभाजित करके इसकी अधिशोषण क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
  3. अधिशोषक की सतह को खुरदरा करके भी इसकी अधिशोषण क्षमता अर्थात् सक्रियता बढ़ाई जो सकती है।
shaalaa.com
अधिशोषण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: पृष्ठ रसायन - अभ्यास [पृष्ठ १५०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
पाठ 5 पृष्ठ रसायन
अभ्यास | Q 5.6 | पृष्ठ १५०

संबंधित प्रश्‍न

अधिशोषण के प्रक्रम में साम्यावस्था पर ______।


विलयन में से अधिशोष्य के अधिशोषण की मात्रा बढती है ______।


निम्नलिखित में से कौन-सा अधिशोषण की परिघटना पर लागू नहीं होता?


निम्नलिखित चित्रों को आधुनिक अधिशोषण सिद्धांत के अनुसार, उत्प्रेरण की क्रियाविधि में सम्मिलित चरणों के सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।


                    (a)


             (b)


           (c)


               (d)


               (e)


निम्नलिखित में से कौन-सा प्रक्रम सॉल कणों पर विद्युत् आवेश की उपस्थिति के लिए उत्तरदायी नहीं है?


ठोस उत्प्रेरक के लिए निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

  1. वही अभिक्रियक दूसरा उत्प्रेरक उपयोग में लाने पर अलग उत्पाद दे सकते हैं।
  2. उत्प्रेरक अभिक्रिया का Δ H परिवर्तित नहीं करता।
  3. अभिक्रियाओं के उत्प्रेरण हेतु भारी मात्रा में उत्प्रेरक की आवश्यकता होती है।
  4. ठोस उत्प्रेरकों की उत्प्रेरण क्रिया रसोवशोषण की प्रबलता पर निर्भर नहीं होती।

फ्रॉयन्डलिक अधिशोषण समतापी को `x/m = k  p^(1/"n")` व्यंजक द्वारा दिया जाता है। इस व्यंजक से निम्नलिखित में से कौन-से परिणाम निकलते हैं?

  1. जब `1/"n" = 0`, तो अधिशोषण पर दाब का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
  2. जब `1/"n" = 0` तो अधिशोषण दाब के अनुक्रमानुपाती होगा।
  3. जब n = 0, तो `x/"m"` और p के मध्य ग्राफ़ x -अक्ष के समांतर एक रेखा होती है।
  4. जब n = 0, तो `x/"m"` और p के मध्य ग्राफ़ एक वक्र होता है।

आसानी से द्रवित हो जाने वाली गैसों की तुलना में H2 गैस सक्रियित चारकोल पर बहुत कम सीमा तक अधिशोषित होती है, जिसका कारण है-

  1. अति प्रबल वान्डरवाल्स अन्योन्यक्रिया
  2. अति दुर्बल वान्डरवाल्स बल
  3. अति निम्न क्रांतिक ताप
  4. अति उच्च क्रांतिक ताप

ताप बढ़ने पर भौतिक अधिशोषण और रासायनिक अधिशोषण भिन्न व्यवहार क्यों दर्शाते हैं?


कोयले की खानों में उपयोग किए जाने वाले गैस मास्क में सक्रियित चारकोल की क्या भूमिका होती है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×