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अध्याय के अंत में दिए गए कालानुक्रम में से किन्हीं दो घटनाओं को चुनिए और यह बताइए कि इसका क्या महत्त्व है? - History (इतिहास)

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प्रश्न

अध्याय के अंत में दिए गए कालानुक्रम में से किन्हीं दो घटनाओं को चुनिए और यह बताइए कि इसका क्या महत्त्व है?

दीर्घउत्तर

उत्तर

  • कालानुक्रम एक में से दो घटनाओं का विवरण निम्नलिखित है
  1. आस्ट्रेलोपिथिकस (Australopithecus)- आस्ट्रेलोपिथिकस शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के ‘आस्ट्रल’ अर्थात् ‘दक्षिणी’ और यूनानी भाषा के शब्द ‘पिथिकस’ यानी ‘वानर’ से मिलकर हुई है। आस्ट्रेलोपिथिकस प्रारम्भिक रूप में वानर के अनेक लक्षण मौजूद थे। इसका समय 56 लाख वर्ष पूर्व माना जाता है। प्रथम वनमानुष को आस्ट्रेलोपिथिकस कहा जाता है। वे पूर्वी अफ्रीका में पाए जाते थे। ये मनुष्य की तरह खड़े हो सकते थे। वे पत्थर के औजारों का प्रयोग व पशु जीवन व्यतीत करते थे। वे जंगली कीड़े-मकोड़े भी खाते थे।
  2. होमो (Homo)-‘होमो’ शब्द लैटिन भाषा का है। इसका अर्थ है-मानव। होमो के अन्तर्गत स्त्री व पुरुष दोनों आते हैं। वैज्ञानिकों ने होमो की अनेक प्रजातियों को उनकी विशिष्टताओं के आधार पर विभाजित किया है, जो निम्नलिखित हैं
  1. होमो हैबिलिस (Homo Habilis)-औजार बनाने वाला मानव।
  2. होमो एरेक्टस (Homo Erectus)-सीधे खड़े होकर चलने वाला मानव।
  3. होमो सेपियंस (Homo Sapiens)-चिंतनशील, प्राज्ञ या आधुनिक मानव।
    होमो हैबिलिस के जीवाश्म इथियोपिया में ओमो (Omo) और तंजानिया में ओल्डुवई गोर्ज (Olduvai Gorge) से प्राप्त हुए हैं।
    होमो एरेक्टस के जीवाश्म अफ्रीका के कूबीफ़ोरा (Koobi Fora) तथा पश्चिमी तुक़न (West Turkan) तथा केन्या (Kenya) और जावा के मोड जोकर्ता (Mod Jokerto) तथा संगीरन (Sangiran) में पाए गए थे। होमो सेपियंस जोकि आधुनिक मानव कहलाता है, चिन्तनशील या प्राज्ञ प्राणी है। होमो सेपियंस 1.9 लाख वर्ष से 1.6 लाख वर्ष पूर्व के हैं।
  • कालानुक्रम-दो में से दो घटनाओं का विवरण निम्नलिखित है

  1. दफ़नाने की प्रथा का प्रथम साक्ष्य – दफ़नाने की प्रथा का प्रथम साक्ष्य हमें 3,00,000 वर्ष पूर्व प्राप्त होता है। कुछ रीतियों से यह पता चलता है कि निअंडरथलैंसिस मानव शव को दफ़नाते थे। इससे यह प्रतीत होता है कि वे किसी धर्म में विश्वास रखते थे। निअंडरथलैंसिस काल के कब्रिस्तान के स्थल पर की गई खोजों से ऐसा भी ज्ञात होता है कि वे मृतक शरीर को रंगों से सजाते थे। वे शायद धार्मिक कारणों या सुन्दरता के लिए ऐसा करते थे। वे प्रथम मनुष्य थे जो मृत्यु के पश्चात् जीवन के संबंध में सोचते थे।
  2. निअंडरथल मानवों का लोप – निअंडरथल मनुष्य लगभग 130,000 से 35,000 वर्ष पूर्व तक यूरोप व पश्चिमी एवं मध्य एशिया में रहते थे। लेकिन 35,000 वर्ष पूर्व वे अचानक लुप्त हो गए। निअंडरथल मानव के लुप्त । होने के बारे में विभिन्न वैज्ञानिकों के अलग-अलग विचार हैं। उनकी विचारधाराएँ निम्नवत् हैं
  1. निअंडरथल मानव होमो सैपियंस द्वारा मार दिए गए।
  2. निअंडरथल मानव ने दूसरे समूहों से विवाह कर लिए और इनकी जाति की अलग पहचान समाप्त हो गई। यह सभी सिद्धान्त काल्पनिक हैं। कोई भी विद्वान निश्चय से यह नहीं कह सकता कि यह जाति कब और क्यों समाप्त हुई।
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पाठ 1: समय की शुरुआत से - अभ्यास [पृष्ठ २८]

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एनसीईआरटी History [Hindi] Class 11
पाठ 1 समय की शुरुआत से
अभ्यास | Q 6. | पृष्ठ २८
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