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प्रश्न
ऐल्कोहॉल तथा KI की अभिक्रिया में सल्फ्यूरिक अम्ल का उपयोग क्यों नहीं करते हैं?
उत्तर
\[\ce{2KI + H2SO4 -> 2KHSO4 + 2HI}\]
\[\ce{2HI + H2SO4 -> 2H2O + I2 + SO2}\]
इन अभिक्रियाओं में H2SO4 एक ऑक्सीकारक है। यह अभिक्रिया के दौरान निर्मित HI को I2 में ऑक्सीकृत कर देता है एवं HI तथा ऐल्कोहॉल की क्रिया से ऐल्किल हैलाइड के निर्माण को रोकता है। इस समस्या के निदान के लिए H2SO4 के स्थान पर फॉस्फोरिक अम्ल (H3PO4) का प्रयोग किया जाता है, जो कि अभिक्रिया के लिए HI उपलब्ध कराता है तथा H2SO4 के समान I2 नहीं देता है।
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\ce{CH3CH2-CH-OH}\\
\phantom{...}|\\
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\end{array}\]
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\phantom{........}\ce{CH3}\\
\phantom{.....}|\\
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\phantom{.....}|\\
\phantom{.......}\ce{CH3}
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