Advertisements
Advertisements
प्रश्न
ऐरिल हैलाइडों को ZnCl2 की उपस्थिति में फ़ीनॉलों की HCl के साथ अभिक्रिया द्वारा क्यों नहीं बनाया जा सकता?
उत्तर
ऐरिल हैलाइडों को ZnCl2 की उपस्थिति में फ़ीनॉलों की HCl के साथ अभिक्रिया द्वारा नहीं बनाया जा सकता क्योंकि फ़ीनॉल में कार्बन-ऑक्सीजन आबंध में आंशिक द्विआबंध के गुण होने के कारण यह एकल आबंध से अधिक मज़बूत होता है अतः इसे एकल आबंध की तुलना में तोड़ना कठिन होता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
C5H12 अणुसूत्र वाले समावयवी ऐल्केनो में से उसको पहचानिए जो प्रकाश रासायनिक क्लोरीनन पर देता है –
चार समावयवी मोनोक्लोराइड।
निम्नलिखित हैलाइड के एथेनॉल में सोडियम हाइड्रॉसाइड द्वारा विहाइड्रोहैलोजनन के फलस्वरूप बनने वाली सभी ऐल्कीनों की संरचना लिखिए। इसमें से मुख्य ऐल्कीन कौन-सी होगी?
1-ब्रोमो-1-मेथिलसाइक्लोहेक्सेन
निम्नलिखित हैलाइड के एथेनॉल में सोडियम हाइड्रॉसाइड द्वारा विहाइड्रोहैलोजनन के फलस्वरूप बनने वाली सभी ऐल्कीनों की संरचना लिखिए। इसमें से मुख्य ऐल्कीन कौन-सी होगी?
2-क्लोरो-2-मेथिलब्यूटेन
निम्नलिखित परिवर्तन आप कैसे करेंगे?
एथेनॉल से ब्यूट-1-आइन
निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए –
\[\ce{CH3CH2CH2Cl + NaI ->[{ऐसीटोन}][{उष्मा}]}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए –
\[\ce{CH3CH2CH = CH2 + HBr ->[{परॉक्साइड}]}\]
निम्नलिखित परिवर्तन कैसे संपन्न किए जा सकते हैं?
प्रोपीन से प्रोपेन-1-ऑल
निम्नलिखित परिवर्तन कैसे संपन्न किए जा सकते हैं?
तृतीयक-ब्यूटिल ब्रोमाइड से आइसो-ब्यूटिल ब्रोमाइड
निम्नलिखित हैलोएल्केनों में से कौन-सा जलीय KOH के साथ सबसे आसानी से अभिक्रिया करता है? कारण सहित स्पष्टीकरण दीजिए।