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प्रश्न
अम्लीय परमैंगनेट विलयन युक्त एक बीकर में फैरस सल्फेट का तनु विलयन धीरे-धीरे मिलाया गया। हल्के जामुनी रंग का विलयन क्षीण होता है तथा अंततः रंग विलुप्त हो जाता है। निम्नलिखित में से कौन-सी व्याख्या उपरोक्त प्रेक्षण के लिए सही है?
पर्याय
KMnO4 एक ऑक्सीकारक है यह FeSO4 को ऑक्सीकृत करता है।
FeSO4 एक ऑक्सीकारक है यह KMnO4 को ऑक्सीकृत करता है।
तनुता के कारण रंग विलुप्त हो जाता है, कोई अभिक्रिया नहीं होती है।
KMnO4 एक अस्थायी यौगिक है तथा FeSO4 की उपस्थिति में एक रंगहीन यौगिक में अपघटित हो जाता है।
उत्तर
KMnO4 एक ऑक्सीकारक है यह FeSO4 को ऑक्सीकृत करता है।
स्पष्टीकरण -
पोटेशियम परमैंगनेट (KMnO4) एक ऑक्सीकरण एजेंट है। यह तनु की उपस्थिति में फेरस सल्फेट को फेरिक सल्फेट में ऑक्सीकृत कर देता है। H2SO4.
`underset("Purple")(2"KMnO"_4) + 8"H"_2"SO"_4 + 10"FeSO"_4 -> "K"_2"SO"_4 + 2"MnSO"_4 + 8"H"_2"O" + 5"Fe"_2("SO"_4)_3`
अभिक्रिया में भाग लेने से विलयन का हल्का बैंगनी रंग धीरे-धीरे क्षीण होता है और अंत में लुप्त हो जाता है।
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\[\ce{SO2(g) + H2S(aq) -> S(s) + H2O_{(l)}}\]
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